नई दिल्ली. डब्ल्यूडब्ल्यूई के इतिहास में जब भी खौफ, दहशत और खामोशी का जिक्र होता है, तो फैंस के जहन में सबसे पहला नाम ‘द अंडरटेकर’ का आता है. जब भी एरीना में अचानक अंधेरा छाता था और घंटी की वह खौफनाक आवाज गूंजती थी, तो रिंग में खड़े बड़े-बड़े धुरंधरों के पसीने छूट जाते थे. 6 फीट 10 इंच का विशालकाय शरीर और करीब 150 किलोग्राम वजन वाले इस ‘डेडमैन’ ने दशकों तक रेसलिंग की दुनिया पर राज किया है. अंडरटेकर का नाम ही विरोधियों के मन में दहशत पैदा करने के लिए काफी था. रिंग के भीतर उनका रवैया ऐसा होता था मानो उन्हें दुनिया की किसी भी चीज से डर नहीं लगता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मौत के इस सौदागर को एक बेहद मामूली सी चीज से खौफ आता है?
यह बात सुनने में किसी मजाक से कम नहीं लगती कि जो शख्स दुनिया के सबसे खतरनाक रेसलर्स को अपनी एक घूर से डरा देता हो, वह एक साधारण सी सब्जी से खौफ खाता है. जी हां, द अंडरटेकर (The Undertaker) को ‘खीरे’ से बहुत ज्यादा डर लगता है. मनोविज्ञान की भाषा में इस अजीबोगरीब डर को कुकुरबिटोफोबिया कहा जाता है. इस गहरे राज से पर्दा उनके दिवंगत मैनेजर पॉल बियरर ने एक इंटरव्यू के दौरान उठाया था. पॉल बियरर, जो सालों तक अंडरटेकर के साथ साये की तरह रहे और उनका कलश लेकर चलते थे, उन्होंने बताया था कि एक बार जब वे दोनों किसी टूर के दौरान एक होटल में ठहरे हुए थे, तब नाश्ते की टेबल पर एक अजीब वाकया हुआ. वहां अंडरटेकर के सामने गलती से खीरा आ गया था. उसे खाते ही या उसका स्वाद महसूस करते ही उन्हें उल्टियां होने लगीं. उनका शरीर इस कदर अजीब प्रतिक्रिया दे रहा था कि रात के खाने के समय भी जब उन्होंने सिर्फ वहां खीरा रखा हुआ देखा, तो उन्हें दोबारा उल्टी जैसी भयानक बेचैनी महसूस होने लगी. उस दिन के बाद से अंडरटेकर खीरा देखते ही अपना रास्ता बदल लेते हैं.
बचपन की एक घटना से बैठा खीरे का खौफ
आखिर डेडमैन को खीरे से इतना खौफ क्यों है, इसके पीछे भी बचपन की एक अहम कहानी है. यह कोई एक दिन में पैदा हुआ डर नहीं था. दरअसल, जब अंडरटेकर सिर्फ आठ साल के एक छोटे बच्चे थे, तब उन्होंने एक साथ ढेर सारे खीरे खा लिए थे. उस कच्ची उम्र में जरूरत से ज्यादा खीरे खाने की वजह से उनका पेट बुरी तरह खराब हो गया और उनकी तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई थी. उस दिन की बीमारी और शारीरिक तकलीफ ने उनके बालमन पर ऐसा गहरा असर डाला कि वह जिंदगी भर के लिए इस हरी सब्जी से दूर हो गए. वह दिन है और आज का दिन है, अंडरटेकर कभी खीरे के करीब नहीं फटकते.
रिंग में साथी खिलाड़ी करते थे खीरे से प्रैंक
रेसलिंग की दुनिया में जब किसी सुपरस्टार की कमजोरी पता चलती है, तो लॉकर रूम में उसके साथ खूब प्रैंक (मजाक) किए जाते हैं. मशहूर रेसलर और दिवंगत ओवेन हार्ट ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब साथी खिलाड़ियों को अंडरटेकर के इस डर के बारे में भनक लगी, तो उन्होंने इसका खूब फायदा उठाया. कई बार तो ऐसा हुआ कि मुकाबले के दौरान या बैकस्टेज, कुछ खिलाड़ी अंडरटेकर को चिढ़ाने या उनके गुस्से से बचने के लिए अपने साथ खीरा ले आते थे. ओवेन हार्ट खुद इस तरह के मजाक करने में माहिर थे. कई बार खिलाड़ियों ने उनके बैग या कपड़ों में खीरा छिपाने की कोशिश की, जिसे देखकर डेडमैन सचमुच आगबबूला होने के साथ-साथ घबरा भी जाते थे.
हल्क होगन को हराकर शुरू की थी खौफ की दुनिया
हालांकि, यह छोटा सा डर उनके विशाल और ऐतिहासिक करियर के आगे कुछ भी नहीं है. उनका रेसलिंग सफर किसी तिलिस्म से कम नहीं रहा. साल 1990 में जब उन्होंने पहली बार डब्ल्यूडब्ल्यू के रिंग में कदम रखा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह शख्स इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो जाएगा. अपने शुरुआती दौर में ही उन्होंने उस समय के सबसे बड़े और अजेय माने जाने वाले सुपरस्टार हल्क होगन को धूल चटाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था. इसके बाद तो जैसे उनके हाथों से कोई भी विरोधी बचकर नहीं निकल सका. द अंडरटेकर की सबसे बड़ी उपलब्धि रेसलमेनिया में उनका खौफनाक रिकॉर्ड है. उन्होंने रेसलमेनिया के सबसे बड़े मंच पर 25 मुकाबले जीते हैं और सिर्फ 2 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. लगभग दो दशकों तक यह जीत का रिकॉर्ड 21-0 का रहा था. इसके अलावा उन्होंने अपने सुनहरे सफर में चार बार डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियन का ताज अपने सिर सजाया है, छह बार डब्ल्यूडब्ल्यूई टैग टीम चैंपियनशिप जीती और साल 2007 में प्रतिष्ठित ‘रॉयल रंबल’ मैच भी अपने नाम किया.
रेसलिंग की दुनिया को कह चुके हैं अलविदा
आज द अंडरटेकर रिंग की दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. करीब दो साल पहले उन्होंने अपने इस शानदार और बेमिसाल करियर से रिटायरमेंट ले लिया था. उनके संन्यास के साथ ही स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट के एक पूरे युग का अंत हो गया. आज भी जब उनके पुराने मैचों के वीडियो देखे जाते हैं, तो फैंस के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. वह दुनिया के लिए एक खूंखार योद्धा और मौत के सौदागर हमेशा रहेंगे, लेकिन उनके सबसे करीबी लोग यह बात हमेशा याद रखेंगे कि 6 फीट 10 इंच के इस विशाल पहाड़ को डराने के लिए किसी रेसलर के भारी-भरकम मूव्स की नहीं, बल्कि सिर्फ एक खीरे की जरूरत होती थी.


