मथुरा के चर्चित आयुषी यादव हत्याकांड में कोर्ट ने मां-बाप को उम्रकैद की सजा सुनाई। 2022 में लव मैरिज से नाराज पिता नितेश ने बेटी की गोली मारकर हत्या की थी। शव लाल सूटकेस में भरकर यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंका गया था।

मथुरा का आयुषी यादव हत्याकांड (फाइल फोटो)
मथुरा के चर्चित आयुषी यादव हत्याकांड में चार साल बाद बुधवार को मथुरा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मृतका के माता-पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने बेटी की हत्या को अत्यंत क्रूर और वीभत्स अपराध बताते हुए दोषियों के प्रति नरम रुख अपनाने से इनकार कर दिया। फैसला सुनाए जाने के दौरान पिता नितेश यादव ने कहा कि बेटी की हत्या उन्होंने की थी, उनकी पत्नी का कोई दोष नहीं है। इसके बाद वह चुप हो गए, जबकि मां ब्रजवाला सिर झुकाए खड़ी रही। 22 वर्षीय आयुषी दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली थी और वर्ष 2022 में ग्लोबल कॉलेज से BCA की पढ़ाई कर रही थी। उसने नीट परीक्षा भी पास की थी, लेकिन काउंसिलिंग में शामिल नहीं हुई। इसी दौरान उसने राजस्थान के भरतपुर निवासी छत्रपाल राजपूत से आर्य समाज मंदिर में परिवार की जानकारी के बिना शादी कर ली थी। माता-पिता इस विवाह से नाराज थे।
मथुरा के पास सूटकेस में मिला था शव
अभियोजन के मुताबिक 17 नवंबर 2022 को घर में आयुषी का मां से विवाद हुआ। पिता को जानकारी हुई तो उन्होंने बेटी को समझाने की कोशिश की। विवाद बढ़ने पर नितेश ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से आयुषी को गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटी की हत्या के बाद माता-पिता ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पिता दुकान से पॉलिथीन लेकर आए और शव को लाल सूटकेस में पैक किया। रात करीब तीन बजे सूटकेस कार में रखा गया। अगले दिन सुबह करीब पांच बजे वे दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर दूर मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पहुंचे और सुनसान स्थान पर सूटकेस फेंककर लौट गए।
100 पुलिसकर्मियों की 14 टीमों ने जांच की थी
18 नवंबर को सूटकेस में युवती का शव मिलने से पुलिस में हड़कंप मच गया। पहचान के लिए करीब 100 पुलिसकर्मियों की 14 टीमें लगाई गईं। पुलिस ने घटनास्थल से टोल प्लाजा तक करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। बाद में मुखबिर की सूचना पर पुलिस आयुषी के परिवार तक पहुंची। उसकी मां और भाई को मथुरा लाया गया, जहां उन्होंने शव की पहचान की। जांच के बाद पुलिस ने आयुषी के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी मां-बाप को उम्रकैद की सजा
परिवार में छोटा बेटा होने के कारण पुलिस की अनुमति से अंतिम संस्कार कराया गया। 21 नवंबर 2022 को पुलिस की मौजूदगी में मथुरा में यमुना किनारे पिता ने ही बेटी को मुखाग्नि दी थी। उस दौरान उन्होंने बेटी की चिता को प्रणाम कर माफी भी मांगी थी। अब चार साल बाद अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि बेटी की हत्या जैसे जघन्य अपराध में दोषियों के प्रति नरमी बरतने का कोई आधार नहीं है और ऐसा करने से समाज में गलत संदेश जाएगा।




