Chilli Farming Profit: रामपुर के इमरता गांव के किसान बाबूराम पिछले 10 से 12 साल से मिर्च की खेती कर रहे हैं. हर बार कुछ अलग करने की कोशिश करने वाले बाबूराम ने इस बार एक ही खेत में तीन तरह की मिर्च लगाई है. सात बीघे में उन्होंने अचार वाली मिर्च, बारीक मिर्च और शिमला मिर्च की खेती की है. उनका कहना है कि अलग-अलग तरह की मिर्च लगाने से बाजार में जिस मिर्च की मांग ज्यादा हो, उसे बेचने का मौका मिल जाता है.
किसान बाबूराम बताते हैं कि उनके खेत में अचार वाली मिर्च के साथ बारीक मिर्च और शिमला मिर्च भी लगी है. अचार वाली मिर्च लंबी होती है और इसका इस्तेमाल अचार के अलावा सब्जी और खाने में भी किया जाता है. उनके मुताबिक इसकी पैदावार भी अच्छी रहती है. इस बार उन्होंने खेत में BNR कंपनी की मिर्च की किस्म लगाई है.
40 से 45 दिन में शुरू हो जाती है तुड़ाई
बाबूराम के मुताबिक मिर्च लगाने के करीब 40 से 45 दिन बाद पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. इसके बाद करीब हर हफ्ते मिर्च तोड़ी जाती है. किसान का कहना है कि मिर्च ऐसी फसल है, जिसकी तुड़ाई लंबे समय तक चलती रहती है और उनकी फसल सालभर चलने वाली है. एक बार फसल तैयार होने के बाद किसान को सिर्फ एक ही बार मिर्च तोड़कर खेत खाली नहीं करना पड़ता. समय-समय पर मिर्च की तुड़ाई होती रहती है. इससे बाजार में लगातार मिर्च बेचने का मौका मिलता रहता है.
रामपुर से दिल्ली तक जाती है मिर्च
बाबूराम के खेत की मिर्च सिर्फ आसपास के बाजार में नहीं बिकती. उनके मुताबिक मिर्च की फसल रामपुर के अलावा दिल्ली, बरेली और हल्द्वानी की मंडियों तक भी भेजी जाती है. अलग-अलग जगहों पर फसल बेचने से उन्हें बाजार के भाव के हिसाब से अपनी उपज बेचने का मौका मिलता है.
50 रुपये किलो तक पहुंच जाता है भाव
किसान बताते हैं कि मिर्च का भाव बाजार के हिसाब से लगातार बदलता रहता है. अच्छे भाव मिलने पर मिर्च 40 से 50 रुपये किलो तक बिक जाती है. एक बार की तुड़ाई में एक बीघे से करीब पांच क्विंटल तक मिर्च निकल आती है. हालांकि उत्पादन और भाव मौसम और बाजार की स्थिति के हिसाब से बदल सकते हैं.
खेत में धान की राख का भी करते हैं इस्तेमाल
बाबूराम अपनी मिर्च की फसल में धान की राख का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका कहना है कि राख डालने से खेत की मिट्टी मुलायम रहती है और पौधों की बढ़वार अच्छी होती है. सात बीघे के खेत में उन्होंने करीब तीन ट्रक राख डाली है. किसान के मुताबिक राख डालने से जमीन में नमी बनाए रखने में भी मदद मिलती है. इसी वजह से वह मिर्च की खेती में इसका इस्तेमाल करते हैं.
अच्छे भाव मिले तो 25 हजार रुपये तक मुनाफा
बाबूराम का कहना है कि मिर्च की खेती में कमाई हर बार एक जैसी नहीं रहती. बाजार में भाव अच्छा मिलने पर एक बीघे से करीब 25 हजार रुपये तक मुनाफा हो सकता है. उनके मुताबिक मिर्च की खेती में लगातार तुड़ाई और अलग-अलग बाजारों में बिक्री का मौका मिलने से किसान को फायदा मिल सकता है.



