स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से विद्यार्थियों को अधिकतम दो लाख रुपये तक ही ब्याज मुक्त लोन मिलेगा। पहले इस योजना के तहत चार लाख रुपये तक की राशि मिलती थी।
Bihar Student Credit Card: बिहार सरकार ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने वाली बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के तहत विद्यार्थियों को अधिकतम दो लाख रुपये तक ही ब्याज मुक्त लोन मिलेगा। पहले इस योजना के तहत चार लाख रुपये तक की राशि मिलती थी। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहते सात निश्चय के तहत इस योजना की शुरुआत की थी। आर्थिक हल युवाओं को बल सात निश्चय का एक पार्ट है जिसमें छात्र छात्राओं को पढ़ने के लिए चार लाख तक का लोन दिया जाता था जिसमें ब्याज और चुकता करने की शर्तें बहुत आसान हैं।
शिक्षा विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। दो लाख रुपये से अधिक की जरूरत वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त राशि के लिए बैंकों से शिक्षा लोन लेना होगा। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। सरकार की नई व्यवस्था के तहत दो लाख रुपये से अधिक के शिक्षा लोन के लिए विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार बैंक का चयन करना होगा। बैंक से मिलने वाले अतिरिक्त शिक्षा ऋण पर ब्याज लगेगा। हालांकि, समय पर ऋण चुकाने वाले विद्यार्थियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन के तौर पर ब्याज में छूट दी जाएगी। नियमित रूप से और समय पर लोन की किस्त चुकाने वाले विद्यार्थियों को ब्याज में 30 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
दिव्यांग, छात्राओं को दस प्रतिशत की छूट
वहीं छात्राओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने टिप्पणी करने से मना कर दिया।
हर जिले में डीआरसीसी की स्थापना
बिहार में गरीब और कमजोर तबके के छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए इस योजना की शुरुआत नीतीश कुमार ने की थी। सात निश्यच योजना के तहत सरकार ने आर्थिक हल, युवाओं को बल अभियान चलाया। सभी जिलों में परामर्श केंद्र(डीआरसीसी) की स्थापना की गई। जिलाधिकारी इसके हेड होते हैं। लाखों की संख्या में छात्र, छात्राओं ने बीएसएससी का उपयोग करके मेडिलक, इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेश में प्रवेश हासिल किया। हालांकि, इस योजना के दुरुपयोग की भी खबरें आती रहीं। कई संस्थानों को कार्रवाई की जद में लाया गया। सम्राट चौधरी सरकार में इस योजना से ब्याज मुक्त लोन की सीमा को चार लाख से घटाकर 2 लाख कर दिया गया है।



