UP Congress Meeting in Delhi अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल तैयारियों में जुट गए हैं। चुनाव को देखते हुए मीटिंगों का दौर भी शुरू हो गया है। 10 अगस्त को कांग्रेस की यूपी इकाई को दिल्ली बुलाया गया है। माना जा रहा है कि चुनाव की तैयारियों के लिहाज से होने वाली इस बड़ी बैठक में हाल ही में नियुक्त हुए छह कांग्रेस सचिव भी शामिल होंगे। इस बैठक में शीर्ष नेतृत्व यूपी कांग्रेस की 2027 की चुनावी तैयारियों का जायजा लेगा।
अगले साल उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं, बीते डेढ़ साल से कांग्रेस यूपी में बूथ स्तर तक संगठन बनाने की कवायद में जुटी है। कांग्रेस का दावा है कि उसने काफी अच्छे तौर पर इस दिशा में काम किया है। हालांकि, हकीकत क्या है, इसकी परख अभी बाकी है। इसी मद्देनजर यूपी कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और सांगठनिक स्थिति का जायजा लेने के लिए 10 अगस्त को दिल्ली में यह अहम बैठक रखी गई है। सूत्र बताते हैं कि इस बैठक में संगठन की स्थिति के बारे में तो बात होगी ही, लेकिन राज्य के राजनीतिक हालातों पर भी गंभीर चर्चा होगी। यूपी के लिहाज से उन मुद्दों का भी चिह्नांकन किया जाएगा, जिन्हें चुनाव तक विस्तार दिया जाए। कांग्रेस उन मुद्दों को और आगे बढ़ाना चाहती है, जिनसे उसे वोट मिल सकें। सूत्रों का दावा है कि राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में हेरफेर के अलावा, बेरोजगारी-महंगाई और युवाओं की शिक्षा से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यक्रमों पर चर्चा हो सकती है।
गठबंधन पर होगी बातचीत
उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। बीते लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद से ही इसकी संभावना है, लेकिन अब तक विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्र बताते हैं कि 10 अगस्त को प्रस्तावित बैठक में गठबंधन पर भी राज्य के नेताओं की राय सुनी जाएगी। इसके अलावा पार्टी को निर्देश जारी हो सकते हैं कि वे गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस के लिए मुफीद सीटों की पहचान शुरू करें ताकि बातचीत को जमीन पर उतारा जा सके।



