मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वृंदावन के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा कि वह वृंदावन में ही रहना चाहती हैं और जीवन के अंत में उनकी समाधि भी यहीं बनेगी।

वृंदावन में साधना के दौरान उमा भारती की तबीयत बिगड़ी
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की अचानक तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार को मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी। जिसके बाद वह फिर एकांतवास में चली गईं। जाते हुए उन्होंने कहा कि अंतिम दिनों में उनकी समाधि वृंदावन में ही बनेगी। वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती कई दिनों से वृंदावन प्रवास पर हैं। वह परिक्रमा मार्ग स्थित विजय कौशल महाराज के निकुंज वन आश्रम में एकांतवास में रहकर साधना कर रही हैं। शुक्रवार को उनकी तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार देने के बाद उन्हें राहत मिली तो उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
उमा भारती की तबीयत बिगड़ी, इलाज के बाद डिस्चार्ज
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका वृंदावन और ब्रजभूमि से विशेष लगाव है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बार-बार खींच लाती है। वह यहां पर एकांतवास कर साधना कर रही हैं। उमा भारती ने कहा कि वह अपने जीवन का अधिक समय यहीं व्यतीत करेंगी और अंतिम दिनों में उनकी समाधि वृंदावन में ही बनेगी। उमा भारती पिछले करीब एक महीने से वृंदावन में रह रही हैं। वह संत विजय कौशल महाराज के परिक्रमा मार्ग स्थित निकुंज वन आश्रम में एकांतवास कर रही हैं। शुक्रवार को उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि उन्हें दांत से जुड़ी समस्या थी, जिसके चलते उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श लिया। अस्पताल में करीब आधे घंटे तक जांच और उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया।
मेरी समाधि वृंदावन में ही बनेगी- उमा भारती
अस्पताल से बाहर आने के बाद उमा भारती ने मीडिया से बातचीत में अपने वृंदावन प्रवास को लेकर भावुक बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि जब वह ब्रज की 84 कोस परिक्रमा कर रही थीं, तभी उनके मन में संकल्प आया था कि अवसर मिलने पर वृंदावन को ही अपना स्थायी निवास बनाएंगी। उन्होंने कहा कि निकुंज वन का आध्यात्मिक और शांत वातावरण उन्हें बेहद प्रिय है, इसलिए वह यहीं रह रही हैं और आगे भी आती-जाती रहेंगी। उन्होने कहा कि मैं यहां बहुत आनंद और शांति के साथ रहती हूं। मेरा मन यहीं बस गया है। अंत समय आने पर मेरी समाधि भी वृंदावन में ही बनेगी।
पूरी स्वस्थ्य महसूस कर रहीं उमा भारती
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने स्वास्थ्य को लेकर किसी गंभीर चिंता से इनकार किया और बताया कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने इस दौरान किसी भी राजनीतिक सवाल का जवाब देने से साफ इनकार कर दिया और केवल अपने आध्यात्मिक जीवन और वृंदावन प्रवास पर ही बात की। उमा भारती पिछले कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में अधिक समय बिता रही हैं। उनका वृंदावन प्रवास भी इसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह दोबारा निकुंज वन आश्रम लौट गईं, जहां वह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निवास करेंगी।




