• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Friday, November 6, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की मनमानी , प्राइवेट टीचर के भरोसे चल रहा स्कूल।

Shantosh Mishra by Shantosh Mishra
April 18, 2026
in सोनभद्र
0 0
0

संवाददात। राजन जायसवाल।

नहीं हो रहा है कोई सुनवाई, जिम्मेदार मौन

कोन / सोनभद्र – कोन विकासखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां सरकारी शिक्षकों की लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते पढ़ाई का जिम्मा प्राइवेट शिक्षकों के हवाले कर दिया गया है, जो नियमों के पूरी तरह विपरीत है।
ताजा मामला प्राथमिक विद्यालय डोमा द्वितीय, मिश्री गांव का है। यहां एक शिक्षामित्र और एक सरकारी शिक्षक तैनात हैं, लेकिन आरोप है कि सरकारी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंचते। वे कभी-कभार केवल हाजिरी लगाने आते हैं, जबकि बच्चों की पढ़ाई एक प्राइवेट शिक्षक के भरोसे चल रही है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में मिड-डे मील व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित है। विद्यालय की दीवारों पर सप्ताह में भोजन और फल वितरण का उल्लेख जरूर किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।ऐसा ही मामला गुरुवार को देखने को मिला जहाँ रसोई का ताला नहीं खुला जिससे बच्चों को मिलने वाला भोजन बाधित हो रहा है। खण्ड शिक्षाधिकारी को सूचना देने के बाद ही शिक्षक और मिड-डे मील कर्मी सक्रिय होते हैं।
मामले की जानकारी जब 16 अप्रैल दिन गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी कोन को दी गई तो उन्होंने जांच कराने की बात कही। वहीं, एक पत्रकार द्वारा मौके पर जाकर जानकारी लेने और बच्चों का बयान लेने की बात खंड शिक्षा अधिकारी से पूछी गई तो उन्होंने जाने से मना कर दिया। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं वहीँ खण्ड शिक्षाधिकारी शिक्षक का बचाव करते दिखे। जब पत्रकारों द्वारा मौके पर बुलाया गया तो उन्होंने अन्य क्षेत्रों व मीटिंग का हवाला देकर मामले का रफा दफा कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जब ब्लॉक के ही अधिकारी तरह तरह का बयान देंगे तो बाकी लोगों का जबाब देना लाजिमी है। इसी तरह शुक्रवार को जब मामले की जानकारी दी गई तो उनके द्वारा फोन पर ही मामले का रफा दफा कर दिया गया। जिसके क्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने भी स्वीकार किया कि कुछ ग्रामीणों द्वारा समय पर विद्यालय संचालन न करने की बातें पूर्व में आई थी जिसकी मेरे द्वारा भी निगरानी रखी जा रही है। इसी तरह शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय डोमा द्वितीय में समय से पहले ही विद्यालय बंद कर दिया गया। उक्त विद्यालय में कार्यरत अध्यापक की शिकायत पूर्व में मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी जिसे विभाग द्वारा मामले का विना जमीनी हकीकत के ही निस्तारण कर दिया गया।बतातें चले कि कुछ तथा कथित अध्यापक पत्रकार का धौंस दिखाकर अपने कार्य से विरत रहते हैं याअन्य गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। लोगों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल है कि ऐसे अध्यापकों का बचाव संबंधित खण्ड शिक्षा कार्यालय द्वारा किन वजहों से किया जा रहा है।
जहाँ एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधारने और योजनाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसी लापरवाही उन दावों की पोल खोल रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।

कोन / सोनभद्र – कोन विकासखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां सरकारी शिक्षकों की लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते पढ़ाई का जिम्मा प्राइवेट शिक्षकों के हवाले कर दिया गया है, जो नियमों के पूरी तरह विपरीत है।
ताजा मामला प्राथमिक विद्यालय डोमा द्वितीय, मिश्री गांव का है। यहां एक शिक्षामित्र और एक सरकारी शिक्षक तैनात हैं, लेकिन आरोप है कि सरकारी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंचते। वे कभी-कभार केवल हाजिरी लगाने आते हैं, जबकि बच्चों की पढ़ाई एक प्राइवेट शिक्षक के भरोसे चल रही है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में मिड-डे मील व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित है। विद्यालय की दीवारों पर सप्ताह में भोजन और फल वितरण का उल्लेख जरूर किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।ऐसा ही मामला गुरुवार को देखने को मिला जहाँ रसोई का ताला नहीं खुला जिससे बच्चों को मिलने वाला भोजन बाधित हो रहा है। खण्ड शिक्षाधिकारी को सूचना देने के बाद ही शिक्षक और मिड-डे मील कर्मी सक्रिय होते हैं। मामले की जानकारी जब 16 अप्रैल दिन गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी कोन को दी गई तो उन्होंने जांच कराने की बात कही। वहीं, एक पत्रकार द्वारा मौके पर जाकर जानकारी लेने और बच्चों का बयान लेने की बात खंड शिक्षा अधिकारी से पूछी गई तो उन्होंने जाने से मना कर दिया। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं वहीँ खण्ड शिक्षाधिकारी शिक्षक का बचाव करते दिखे। जब पत्रकारों द्वारा मौके पर बुलाया गया तो उन्होंने अन्य क्षेत्रों व मीटिंग का हवाला देकर मामले का रफा दफा कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जब ब्लॉक के ही अधिकारी तरह तरह का बयान देंगे तो बाकी लोगों का जबाब देना लाजिमी है। इसी तरह शुक्रवार को जब मामले की जानकारी दी गई तो उनके द्वारा फोन पर ही मामले का रफा दफा कर दिया गया। जिसके क्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने भी स्वीकार किया कि कुछ ग्रामीणों द्वारा समय पर विद्यालय संचालन न करने की बातें पूर्व में आई थी जिसकी मेरे द्वारा भी निगरानी रखी जा रही है। इसी तरह शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय डोमा द्वितीय में समय से पहले ही विद्यालय बंद कर दिया गया। उक्त विद्यालय में कार्यरत अध्यापक की शिकायत पूर्व में मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी जिसे विभाग द्वारा मामले का विना जमीनी हकीकत के ही निस्तारण कर दिया गया।बतातें चले कि कुछ तथा कथित अध्यापक पत्रकार का धौंस दिखाकर अपने कार्य से विरत रहते हैं याअन्य गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। लोगों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल है कि ऐसे अध्यापकों का बचाव संबंधित खण्ड शिक्षा कार्यालय द्वारा किन वजहों से किया जा रहा है।
जहाँ एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधारने और योजनाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसी लापरवाही उन दावों की पोल खोल रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।

Views: 1
Previous Post

अब बर्दाश्त नहीं होता… नीरज चोपड़ा और सुमित अंतिल ने कोच के खिलाफ खोला मोर्चा, SAI से की शिकायत

Next Post

कोन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जनआंदोलन तेज, गांव-गांव पहुंची आवाज।

Shantosh Mishra

Shantosh Mishra

Next Post

कोन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जनआंदोलन तेज, गांव-गांव पहुंची आवाज।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • आत्मीयता और अपनत्व के बीच यादगार बना दीपावली मिलन समारोह, शान्तनु शुक्ला ने जताया सभी का आभार।
  • नोएडा में पत्रकारिता जगत का अनूठा दीपावली मिलन, जहां न कोई मेजबान था और न कोई मेहमान।

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • देवरिया
    • धनबाद
    • बिहार
    • बॉलीवुड
    • मथुरा विन्द्रावन
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • लखनऊ
    • वाराणसी
    • विदेश
    • सिंगरौली
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    by Shantosh Mishra
    November 1, 2026
    0

    संवाददाता। विशाल गुप्ता। बिजली, कोयला, इस्पात और बंदरगाहों समेत महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अब सेक्टर आधारित निगरानी के दायरे में...

    Recent News

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    November 1, 2026

    अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।

    November 1, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News