
संवाददाता। राजन जायसवाल।
सोनभद्र। जिले के विकासखंड कोन में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट के तत्वाधान में आनन्द पटेल दयालु के नेतृत्व में कोन क्षेत्र के सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए एक व्यापक जनआंदोलन चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रोरवा में एक विशाल हस्ताक्षर अभियान और जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ आवाज बुलंद की। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 2 लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में अस्पताल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक जांच सुविधाएं। स्थिति यह है कि अस्पताल में न महिला चिकित्सक तैनात हैं और न ही हड्डी रोग विशेषज्ञ। किसी भी महिला को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर लगभग 70 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे समय, धन और परेशानी—तीनों का बोझ उठाना पड़ता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए आनन्द पटेल दयालु के नेतृत्व में लगातार संघर्ष किया जा रहा है। उनके द्वारा भेजे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को पत्र प्रेषित कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। इसके बावजूद अब तक आम जनता को राहत नहीं मिल सकी है। यही कारण है कि यह आंदोलन अब गांव-गांव तक फैलाया जा रहा है। हर गांव में रैली और हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक कोन अस्पताल में महिला चिकित्सक और हड्डी के डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो जाती। यह जनता का अधिकार है और इसे हर हाल में हासिल किया जाएगा। इस जनआंदोलन में प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कनौजिया, शुक्ला पटेल, विनय पटेल, शंभू पटेल, वीरेंद्र भारती, राजेश भारती, बिखलेश कुमार, लखन लाल त्रिपाठी, नकुल पटेल, राम बचन सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
रैली के दौरान लोगों ने एक स्वर में नारा लगाया—
“चाहे जो मजबूरी हो, हमारी मांगे पूरी हो!”
