
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र। विंढमगंज से दुद्धी, हाथीनाला होते हुए रेणुकूट ओडी मोड़ तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 (NH-39) पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। शिकायतों के बाद अब लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय मार्ग खंड, मिर्जापुर सक्रिय नजर आ रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। दिनांक 01 अप्रैल 2026 को विभाग द्वारा प्रस्तुत आख्या में बताया गया कि NH-39 दो लेन का मार्ग है, जिस पर कई स्थानों पर सुदृढ़ीकरण (स्ट्रेंथनिंग) कार्य कराए जा चुके हैं, जबकि कुछ कार्य अभी भी प्रगति पर हैं। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 की ताजा आख्या में विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क की मरम्मत का कार्य लगातार जारी है। गड्ढों की मरम्मत, पेंच वर्क (Patch Work) और अन्य सुधार कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित ठेकेदारों को कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता संजय जैन (जिला उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल) से विभागीय अभियंता ने मुलाकात की और उन्हें मौके पर चल रहे कार्यों व प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि अनपरा, हिंडाल्को और सिंगरौली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की वजह से इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव बहुत अधिक है। यही वजह है कि सड़क जल्दी क्षतिग्रस्त होती है और हादसों की आशंका बनी रहती है। मार्ग की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसे दो लेन से चार लेन में परिवर्तित करने का प्रस्ताव 30 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इसके अलावा फरवरी 2026 में रोड सेफ्टी ऑडिट भी कराया गया है, जिसकी आगे की प्रक्रिया जारी है। हालांकि विभाग द्वारा लगातार मरम्मत और सुधार कार्य किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। आए दिन हो रहे हादसे इस बात का संकेत हैं कि अभी भी सुरक्षा उपायों में कमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ मरम्मत कार्य पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क चौड़ीकरण, बेहतर संकेतक (साइन बोर्ड), स्पीड कंट्रोल और नियमित निगरानी की सख्त जरूरत है शिकायत के बाद विभाग जरूर सक्रिय हुआ है, लेकिन जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक हादसों पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है।” सड़क सुरक्षा को लेकर अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित चार लेन परियोजना और रोड सेफ्टी उपाय कब तक धरातल पर उतरते हैं।
