लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई. इसकी वजह से जगह-जगह पानी भर गया. जहां बाढ़ का पानी शहीद पथ की सर्विस लेन तक पहुंच गया. वहीं, मशहूर फीनिक्स पलासियो मॉल के सामने वाली सर्विस लेन पूरी तरह जलमग्न हो गई है. पानी भरने के बाद मॉल की सर्विस लेन को बैरिकेड कर आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है. इतना ही नहीं गोमती नगर विस्तार स्थित IIIT कैंपस में गोमती नदी का पानी घुस गया है. इससे छात्रों को बहुत परेशानी हो रही. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल खाली करा दिए गए हैं. संस्थान को अगले आदेश तक बंद करने का भी फैसला लिया गया है. इन सबके अलावा, चौक के कुड़ियाघाट का हाल भी बुरा है. यहां पर भी गोमती के बाढ़ का पानी भरा हुआ है. इससे लोग घाट पर पिंडदान नहीं कर पा रहे हैं.
आईआईआईटी कैंपस बंद
कैंपस में लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए हॉस्टल में रह रहे बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का फैसला लिया गया. हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को कैंसर अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जबकि छात्रों को गोल्फ सिटी स्थित एक हॉस्टल में भेजा गया है. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है. एमटेक की परीक्षाएं होनी थीं, अब उन्हें भी टाल दिया गया है.
बाढ़ के पानी की वजह से कैंपस में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. IIIT लखनऊ का परिसर निचले इलाके में स्थित है, जिसके चलते आसपास जलभराव होने पर पानी कैंपस के अंदर पहुंच गया. स्थिति को देखते हुए संस्थान प्रशासन और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
डीएम और एसडीएम ने लिया जायजा
कैंपस में जलभराव की सूचना मिलने के बाद लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने कैंपस का निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली और छात्रों की सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए. फिलहाल बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. संस्थान की ओर से छात्रों को अगले आदेश तक कैंपस में वापस नहीं लौटने की सलाह दी गई है. वहीं, एमटेक परीक्षाओं की नई तारीख की जानकारी बाद में जारी की जाएगी. प्रशासन की नजर अब कैंपस में घटते जलस्तर और छात्रों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था पर है.
पिंड दान नहीं कर पा रहे लोग
लखनऊ में चौक के कुड़ियाघाट पर गोमती के बाढ़ का पानी भरा हुआ है. इससे लोग घाट पर पिंडदान नहीं कर पा रहे हैं. पानी घाट से सड़क किनारे तक आ गया है. सड़क किनारे ही अपने तख्त लगाकर लोग पिंडदान करने को मजबूर हैं.
मॉल में भी भरा पानी
वहीं, फैजुल्लागंज के बाद बाढ़ गोमती नगर एक्सटेंशन तक पहुंच गई. फीनिक्स पलासियो मॉल के तीनों तरफ घुटनों तक पानी भर गया है. उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) की इमारत भी पानी से घिर गई है. बाढ़ से 20 साल बाद लेटे हनुमान मंदिर का गर्भगृह बंद करना पड़ा है. फैजुल्लागंज में 40 हजार घरों में 5-6 फीट तक पानी भरा है. 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. कई परिवार घरों में ताला लगाकर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं. बैकुंठ धाम भी पूरी तरह जलमग्न है. यहां शव रखने वाले चबूतरे पानी में डूब गए हैं. लोगों का कहना है कि हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के बावजूद कोई मदद नहीं मिल रही है.
स्टेडियम में कल भर गया था पानी
बाढ़ का पानी बुधवार को लखनऊ में स्थित भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के आसपास तक पहुंच गया था. इसी स्टेडियम में मंगलवार रात भारत-वेस्टइंडीज के बीच पहला टी-20 मैच खेला गया था. मैच के अगले दिन ही वह पूरा इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया. नगर निगम ने बढ़ा प्रभावित इलाके में पानी के करीब 20 टैंकर और 10 हजार लीटर पेयजल पहुंचाया है. इसके अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे बनाए गए हैं.राहत और बचाव कार्य में 90 नौकाएं लगाई गई हैं.



