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nagina PM chandra shekhar azad warrant: उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दलित राजनीति से जुड़ी दो बड़ी घटनाएं एक साथ सामने आई हैं. एक तरफ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है और संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई का आदेश दिया है. तो दूसरी ओर BSP से बाहर चल रहे आकाश आनंद ने बुआ मायावती से माफी मांगकर पार्टी और मिशन के साथ फिर काम करने की इच्छा जताई है. दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन एक साथ सामने आने से दलित राजनीति में चर्चा जरूर बढ़ गई है. ऐसे में सवाल है कि चंद्रशेखर की कानूनी मुश्किल और आकाश की BSP में वापसी की इच्छा का 2027 की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है. 5 पॉइंट में समझें पूरा मामला.
चंद्रशेखर आजाद की संपत्ति कुर्क करने का आदेश, आकाश आनंद की मायावती से माफी, 5 पॉइंट में समझें यूपी की बहुजन राजनीति
Akash Anand Re join In Bsp: उत्तर प्रदेश में दलित राजनीति लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी की सबसे बड़ी पहचान रही है. लेकिन पिछले कुछ चुनावों में इस राजनीति के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक तरफ मायावती अपनी पार्टी को दोबारा खड़ा करने की कोशिश में हैं. तो दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद अपनी अलग राजनीतिक जमीन बना चुके हैं. ऐसे में आकाश आनंद का मायावती के पास लौटने की इच्छा जताना और चंद्रशेखर के खिलाफ कोर्ट की कार्रवाई.
परम आदरणीय बहन जी,
आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं।
राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूँ।
पिछले कुछ दिनों से…



