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rajya sabha election 2026: BSP के लिए 25 नवंबर 2026 बड़ी तारीख होगी. इस दिन रामजी गौतम का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होगा. लोकसभा में पहले से पार्टी का कोई सांसद नहीं है. यूपी विधानसभा में भी BSP का कोई विधायक नहीं बचा है. ऐसे में संसद में पार्टी की मौजूदगी पूरी तरह खत्म हो जाएगी. अब नजर चुनाव आयोग के नियमों और राष्ट्रीय दर्जे पर है.
बसपा प्रमुख मायावती के सामने संसद से बाहर होने के बाद राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता को लेकर अब मामला बढ़ने वाला है. जानें इसके पीछे की कहानी.
Mayawati BSP National Party Status: यूपी की राजनीति में साल के आखिरी कुछ महीनों में राजनीति बहुत अलग दिखने वाली है. जिसका सबसे अधिक असर बहुजन समाज पार्टी यानी BSP पड़ने वाला है. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दस राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं. यही नहीं 25 नवंबर 2026 को बीएसपी के एकमात्र राज्यसभा सांसद का कार्यकाल भी खत्म होने जा रहे है, इसके बाद अब लोकसभा के बाद राज्यसभा में बची एकमात्र सीट भी चली जाएगी. यह पहली बार होगा जब 1989 के बाद पहली बार संसद के दोनों सदनों में बीएसपी पार्टी का कोई सदस्य नहीं रहेगा. तो क्या इसका असर मायावती की पार्टी के राष्ट्रीय दर्ज पर होगा? जानते हैं पूरी कहानी.
25 नवंबर के बाद संसद में BSP Zero
क्या मायावती की पार्टी से छिन जाएगा राष्ट्रीय दर्जा?
क्या लोकसभा-राज्यसभा दोनों सदनों में Zero होने के बाद BSP का राष्ट्रीय दर्जा भी खत्म हो जाएगा? तो आप जान लीजिए कि इसका कोई हां या न एक शब्द में जवाब नहीं है. चुनाव आयोग के नियमों में राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता के लिए अलग-अलग चुनावी शर्तें तय हैं. इनमें से किसी एक शर्त को पूरा करने पर पार्टी राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता हासिल कर सकती है. तो आइए जानते हैं पहले कि कौन पार्टी देश में राष्ट्रीय दर्जा पाने की हकदार होती है.
राष्ट्रीय दर्जा पाने के लिए पार्टियों के लिए आवश्यक आंकड़े और शर्तें
चुनाव आयोग के नियमानुसार, किसी भी दल को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए नीचे दी गई तीन शर्तों में से कोई एक पूरी करनी होती है.
- 4 राज्यों में मान्यता: वह पार्टी कम से कम 4 अलग-अलग राज्यों में ‘राज्य स्तरीय पार्टी’ (State Party) के रूप में मान्यता प्राप्त हो.
- 6% वोट + 4 लोकसभा सीटें: लोकसभा या विधानसभा के पिछले आम चुनाव में पार्टी ने कम से कम 4 अलग-अलग राज्यों में कुल वैध मतों का न्यूनतम 6% वोट हासिल किया हो, और इसके साथ ही लोकसभा में कम से कम 4 सीटें जीती हों.
- 2% लोकसभा सीटें: पार्टी ने कम से कम 3 अलग-अलग राज्यों को मिलाकर लोकसभा की कुल सीटों की 2% सीटें (यानी वर्तमान में 543 में से 11 सीटें) जीती हों.
| राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के नियम:- | इसमें किसी एक शर्त को पूरा करना जरूरी |
|---|---|
| रास्ता | जरूरी आंकड़ा |
| 4 राज्यों में राज्य पार्टी | कम से कम 4 राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता |
| वोट + लोकसभा सीट | 4 राज्यों में 6% वोट + कम से कम 4 लोकसभा सीटें |
| लोकसभा सीटें | कुल लोकसभा सीटों की 2% सीटें यानी मौजूदा 543 में 11 सीटें, कम से कम 3 राज्यों से |
2024 का प्रदर्शन भी BSP के खिलाफ गया
2024 के लोकसभा चुनाव में BSP एक भी सीट नहीं जीत सकी. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पार्टी राष्ट्रीय पार्टियों में शामिल रही, लेकिन उसका लोकसभा प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा. रिपोर्टों में BSP का राष्ट्रीय वोट शेयर करीब 2.06 फीसदी बताया गया है. इससे पार्टी के सामने राष्ट्रीय मान्यता को लेकर सवाल और गंभीर हुए हैं.
| सदन/चुनाव BSP की स्थिति | |
|---|---|
| लोकसभा | 0 सांसद |
| राज्यसभा | 1 सांसद – रामजी गौतम |
| ……………………………………….. | |
| यूपी विधानसभा | 0 विधायक |
| 2024 लोकसभा | 0 सीट |
| 2024 राष्ट्रीय वोट शेयर | 2.06% |
| 2024 यूपी वोट शेयर | करीब 9.3% |
| रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होगा. |
हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि BSP का राष्ट्रीय दर्जा खत्म हो चुका है. चुनाव आयोग के उपलब्ध रिकॉर्ड में BSP को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त है. इसलिए संसद में प्रतिनिधित्व खत्म होने और राष्ट्रीय दर्जा जाने को एक ही बात मानना सही नहीं होगा. अंतिम स्थिति चुनाव आयोग के नियमों और उसके औपचारिक फैसले से तय होगी. अभी इस मामले में कुछ नहीं होने वाला लेकिन यूपी 2027 का चुनाव जरूर मायने रखेगा.



