मथुरा से रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक महिला ने अपने पति की बेरहमी से हत्या कर दी। महिला ने इस काम में बेटी और उसके दोस्त का सहारा लिया। हत्या के बाद शव को जला दिया। पुलिस को मृतक के अवशेष तक नहीं मिले हैं।
Murder In Mathura: यूपी में पत्नियों द्वारा पति को मौत के घाट उतारने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आगरा में बाथरूम, मेरठ में सांप और अब मथुरा में दूध में जहर देकर पति को मारने की घटना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस हत्या में मृतक की पत्नी के अलावा उसकी बेटी और दोस्त भी शामिल रहा। मृतक अप्रैल महीने से गायब चल रहा था।
मृतक के भाई को कुछ अनहोनी की आशंका हुई तो उसने भाभी, भतीजी और उसके दोस्त के खिलाफ अपहरण कर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के चार महीने बाद पुलिस ने युवक की हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस पूछताछ में मृतक की पत्नी ने बताया कि पति की हत्या करके शव को अक्कू घाट के पास जला दिया था। पुलिस को अभी शव के अवशेष नहीं मिल सके हैं। पुलिस ने अभी अपहरण के मामले में मुकदमा दर्ज किया है और जांच की जा रही है।
एक दिन में पत्नी ने वापस ले ली थी पति के अपहरण की शिकायत
जानकारी के अनुसार राधाकृष्ण वाटिका निवासी मनोज सोनी की पत्नी अपने देवर रामबाबू के साथ 21 जुलाई को गोविंद नगर थाने पहुंची और बताया कि 17 अप्रैल की रात से उनके पति मनोज गायब हैं। मनोज सोनी समीप की गोशाला में गोसेवा करते थे। 24 जुलाई को मनोज के भाई रामबाबू ने पुलिस से मामले के बारे में प्रगति के बारे में जानकारी की तो पुलिस ने बताया कि गुमशुदगी वाली तहरीर को मनोज की पत्नी नैना अगले दिन ही वापस ले गई थी। इसके बाद रामबाबू को भाभी पर शक हो गया। उसने भाभी, भतीजी आदि पर नजर रखनी शुरू कर दी।
अचानक से बेटी के साथ गायब हो गई महिला
मृतक के भाई रामबाबू ने बताया कि एक दिन अचानक से भाभी नैना घर में ताला डालकर बेटी के साथ कहीं चली गई। घर ताला देखकर भाई ने भाभी, उसकी बेटी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने शक के आधार पर मनोज की पत्नी और बेटी आदि से पूछताछ करना चाहा तो पता चला कि वह मकान बंद कर चली गई हैं। पुलिस के अनुसार मनोज के भाई रामबाबू द्वारा दी तहरीर पर शुक्रवार को मनोज की पत्नी, बेटी और बेटी के दोस्त विमल के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कर लिया और मनोज की पत्नी, बेटी और उसके दोस्त को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछता की।
क्या बोले पुलिस अफसर
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकारा कि उन्होंने मनोज की हत्या कर दी है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मनोज अक्सर मारपीट करता था जिससे वे लोग परेशान हो गए थे। बताया कि 17 अप्रैल की रात विवाद मनोज से उसकी पत्नी का विवाद हो गया था। इसके बाद पत्नी ने पति को दूध में नशा देकर सुला दिया और फिर मसाला कूटने वाली मूसली से मनोज के सिर पर प्रहार कर दिया। जिससे मनोज की मौत हो गई। रात में ही मनोज की पत्नी, बेटी और दोस्त शव को अक्रूर घाट के समीप ले गए और वहां पर जला दिया था। पुलिस शव के अवशेष की तलाश कर रही है।
तहरीर वापस लेने पर हुआ शक
पुलिस के अनुसार गुमशुदगी की तहरीर देकर वापस लेने पर मनोज के भाई और पुलिस को पत्नी पर शक हो गया। रामबाबू ने शुक्रवार को पुलिस को बताया कि वे तीन भाई हैं। तीनों भाइयों ने मिलकर जमीन बेच कर राधाकृष्ण वाटिका में मकान बनवाए थे। भाई मनोज ने अपने मकान का बैनामा पत्नी नैना के नाम कराया था। आरोप लगाया कि मनोज की पत्नी सात जून से बच्चों को लेकर घर में ताला लगाकर कहीं चली गई है। उसका कोई पता नहीं है। मनोज का भी अब तक पता नहीं चल रहा है। उन्होंने भाई मनोज का पता लगा कार्रवाई की मांग पुलिस से की। साथ ही उन्होंने भाई की हत्या पत्नी, बेटी एवं बेटी के दोस्त पर करने का आरोप लगाया।
हत्या या कुछ और, जांच में होगा खुलासा
पत्नी द्वारा बेटी और उसके दोस्त के साथ मिलकर मनोज की हत्या की गई या मामला कुछ और है इसे लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जब तक कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिल जाते, तब तक पुलिस किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचाना चाहती। पूछताछ में मृतक की पत्नी बेटी और बेटी के दोस्त ने हत्या की बात कबूली हैं लेकिन पुलिस अभी और भी कुछ एंगल से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जब तक शव के अवशेष ना मिल जाएं या कोई और ऐसा पुख्ता सबूत न मिल जाए, जिससे यह सिद्ध हो कि मनोज की हत्या की जा चुकी है, तब तक पुलिस जांच जारी रखना चाहती है। इन सब बातों को लेकर पुलिस मनोज की मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाएगी, मनोज के रिश्तेदारों और साथियों के अलावा आसपास के लोगों से भी पूछताछ करेगी।



