रेलवे के अनुसार इस यात्री ट्रेन के शुरू होने क्षेत्रीय सम्पर्क बेहतर होने, रोजाना यात्रा करने वालों और दूसरे यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सस्ती यात्रा की सुविधा मिलने और मध्य प्रदेश में रेल परिवहन नेटवर्क के और मजबूत होने की उम्मीद है।
यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पश्चिम-मध्य रेलवे ने मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों के बीच एक नई यात्री ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस बारे में जानकारी देते हुए रेलवे ने शनिवार को बताया कि यह ट्रेन इटारसी और मदन महल (जबलपुर) के बीच प्रतिदिन चलेगी और 242 किलोमीटर की दूरी को 5 घंटे 5 मिनट में तय करेगी। रेलवे ने बताया कि इटारसी-मदन महल पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 51673/51674) हर दिन चलेगी और केवल दो शहरों को जोड़ने के बजाय क्षेत्रीय संपर्क (कनेक्टिविटी) के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
रेलवे ने बताया कि यह ट्रेन (ट्रेन संख्या 51673) इटारसी जंक्शन से सुबह 11:40 बजे रवाना होगी और शाम 16:45 बजे मदन महल पहुंचेगी। वहीं वापसी में यह ट्रेन (ट्रेन संख्या 51674) मदन महल से शाम 17:50 बजे निकासी करेगी और रात 22:55 बजे इटारसी जंक्शन पहुंचेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों तरफ यह ट्रेन रास्ते में बगरा तवा, सोहागपुर, पिपरिया, बांखेड़ी, सालीचौका रोड, गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर और श्रीधाम स्टेशनों पर रुकेगी।
रेलवे के अनुसार इटारसी-मदन महल यात्री ट्रेन सेवा क्षेत्रीय सम्पर्क के नजरिए से बेहद अहम साबित होगी और जबलपुर-नर्मदापुरम बेल्ट के बीच के पड़ने वाले कस्बों और छोटे स्टेशनों तक दैनिक आधार पर किफायती यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी। इस दौरान यह सेवा जबलपुर और इटारसी के दो प्रमुख रेलवे नोड्स को जोड़ने के साथ-साथ, जबलपुर-नर्मदापुरम बेल्ट के बीच पड़ने वाले कस्बों और छोटे स्टेशनों तक दैनिक आधार पर किफायती यात्रा की सुविधा भी प्रदान करेगी।
रेलवे के मुताबिक यह ट्रेन खास तौर पर मध्यम-वर्गीय, बिना रिजर्वेशन वाले और कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रहेगी और इस तरह की सेवा एक महत्वपूर्ण फीडर/डिस्ट्रीब्यूशन का काम भी करती है, जिससे रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान हो जाती है और इटारसी से भारत के अन्य हिस्सों के प्रमुख स्थानों के लिए आगे की यात्रा की सुविधा भी आसान हो जाती है।
रेलवे के अनुसार इस यात्री ट्रेन के शुरू होने क्षेत्रीय सम्पर्क बेहतर होने, रोजाना यात्रा करने वालों और दूसरे यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सस्ती यात्रा की सुविधा मिलने और मध्य प्रदेश में रेल परिवहन नेटवर्क के और मजबूत होने की उम्मीद है।


