गोरखपुर के डीडीयू के दीक्षा समारोह संबोधित करते हुए में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नाराजगी जताते हुए कहा यूपी के सभी विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों में नशे का सामान पहुंच रहा है। जो बेहद चिंता का विषय है।
UP Governor: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल डीडीयू के दीक्षांत समारोह में गुरुवार को टॉपरों को मेडल देकर विश्वविद्यालय के कार्यों-प्रयासों की सराहना की। इस पर तालियां बजीं और शिक्षकों ने खुले मन से स्वागत भी किया। लेकिन, समारोह खत्म होने से पहले उन्होंने डीडीयू सहित प्रदेश के विश्विद्यालय के हॉस्टलों की जो कहानी बताई, उसने अतिथि से लेकर शिक्षकों के चेहरे पर सिकन के भाव ला लिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों में नशे का सामान पहुंच रहा है। जो बेहद चिंता का विषय है। हॉस्टलों में गंदगी, खाने के सामान की गुणवत्ता ठीक न होना यह दर्शा रहा है कि इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
राज्यपाल ने कहा कि वह विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल खुद गईं। खाने की गुणवत्ता अच्छी नहीं दिखी तो खाद्य सुरक्षा विभाग को बुलवाया और सैंपल लेने के निर्देश दिए। सैंपलिंग में कोई खेल न हो सके, इसलिए उन्होंने लखनऊ में भी जांच के लिए सैंपल लिए हैं। दोनों जगहों पर जांच के बाद इसकी रिपोर्ट कुलपति को भेजेंगी। उन्होंने कहा कि ब्वॉयज हॉस्टल में तो भोजन की व्यवस्था नहीं है। टिफिन में आ रहा है और टिफिन में जब भोजन आ सकता है तो कुछ भी आ सकता है। बताया कि जनभवन की टीम ने हॉस्टलों का निरीक्षण कर जो रिपोर्ट सौंपी है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने तीन माह के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
बेटियों की सफलता पर मंथन की जरूरत
कुलाधिपति ने कहा कि इस वर्ष विश्वविद्यालय ने 74,481 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की हैं, जिनमें दो-तिहाई से अधिक छात्राएं हैं। स्वर्ण पदकों और उपाधियों में बेटियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, उच्च शिक्षा में उनके बढ़ते योगदान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बेटों और बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर मिल रहे हैं। इसके बावजूद बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर आगे बढ़ रही हैं। यह केवल उपलब्धि का विषय नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा जगत के लिए गंभीर मंथन का विषय है कि बेटियों की सफलता के पीछे कौन-कौन से कारक काम कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि बेटियां देखने में भले ही कमजोर लगती हों, लेकिन मानसिक रूप से अत्यंत सशक्त होती हैं। यही कारण है कि वे शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।
युवा नौकरी देने वाले बनें : वीके सारस्वत
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मभूषण डॉ. वीके सारस्वत ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और नए प्रयोग करने की बात कही। कहा कि डिग्री मिल गई, अब यहां से असली यात्रा शुरू होती है। ऐसे में केवल डिग्री हासिल करने वाले छात्र न बनें, बल्कि विकसित भारत के निर्माण के वास्तविक शिल्पकार बनें। युवाओं को केवल नौकरी पाने तक अपनी सोच सीमित नहीं रखनी चाहिए, उन्हें नौकरी देने वाला बनना चाहिए।



