बिहार के गोपालगंज में लौंडा नाच करने आए यूपी के एक डांसर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ युवक डांसर को जबरन अपने साथ ले जाना चाह रहे थे, जब उसने मना किया तो आरोपियों ने उसका मर्डर कर दिया।
बिहार के गोपालगंज जिले में एक शादी समारोह में आयोजित लौंडा नाच कार्यक्रम के दौरान डांसर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय सोनू गोंड के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र स्थित महुआ पाटन के रहने वाले थे। बताया गया कि डांस परफॉर्मेंस देने के बाद सोनू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था। उन्होंने डांसर को साथ ले जाने की कोशिश की, इनकार करने पर पेट में गोली मार दी।
यह घटना कटेया थाना क्षेत्र स्थित जमुनाहा के पास पटोहवा गांव की है। गोली लगने से घायल डांसर को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मगर बीच रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डांसर की हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
डांसर को जबरन अपने साथ ले जाना चाहते थे युवक
जानकारी के अनुसार, पटोहवा गांव में एक युवती की शादी के मौके पर गुरुवार रात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें नाचने के लिए यूपी के देवरिया निवासी डांसर सोनू गोंड को बुलाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि सोनू अपनी डांस परफॉर्मेंस देने के बाद मंच के पीछे की ओर जाकर बैठ गए थे। तभी वहां पर कुछ युवक पहुंचे और उन्हें जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगे।
सोनू ने इसका विरोध किया और उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि इससे ही नाराज होकर युवकों ने पिस्तौल निकाल ली और डांसर को गोली मार दी। गोली सोनू के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए, कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। फायरिंग करने वाले आरोपी भी मौका देखकर वहां से फरार हो गए।
3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, परिवार पर संकट
सोनू गोंड शादी-ब्याह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लौंड नाच करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह महिला का वेश धारण कर दर्शकों को अपनी कला से लुभाते थे। उनकी हत्या होने के बाद तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। घर में एक छोटा भाई भी उन पर आश्रित था। परिवार के सभी सदस्यों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।



