मध्य प्रदेश के भोपाल में ट्रेनी डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार जारी है। लाठीचार्ज और वाटर कैनन इस्तेमाल करने को लेकर डॉक्टरों ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। वो अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
मध्यप्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा प्रशिक्षुओं (मेडिकल इंटर्न) ने अपना मासिक मानदेय 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को भोपाल में प्रदर्शन किया। ट्रेनी डॉक्टर कमला पार्क क्षेत्र में सड़क पर बैठ गए, जिससे ट्रैफिक पर भी असर देखने को मिला। उन्होंने सोमवार को हमीदिया अस्पताल के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से पानी की बौछार किए जाने से घायल साथियों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का मुआवजा देने और िस मामले के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
इन राज्यों का दिया उदाहरण
ट्रेनी डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राज्यभर के मेडिकल कॉलेज में 3,655 एमबीबीएस ट्रेनी डॉक्टर हैं, जिनमें से 2,055 सरकारी मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एमबीबीएस की वार्षिक फीस करीब एक लाख रुपये है, जबकि चिकित्सा प्रशिक्षुओं को केवल 14,337 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान में अपेक्षाकृत कम फीस के बावजूद चिकित्सा प्रशिक्षुओं को अधिक मानदेय मिलता है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा- बातचीत जारी है
पुलिस उपायुक्त आयुष गुप्ता ने बताया कि ट्रेनी डॉक्टरों की मांगों को लेकर बातचीत जारी है।स्वास्थ्य विभाग का भी प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने संवाददाताओं से कहा कि ट्रेनी डॉक्टरों के साथ दोनों मुद्दों (मानदेय बढ़ाने और पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों को मुआवजा देने) पर सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के संपर्क में हैं और इस संबंध में शाम को फिर चर्चा होगी।
इस बीच, पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने सोमवार के प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछार किए जाने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिकित्सा प्रशिक्षुओं के सड़क पर बैठने से कमला पार्क क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, हमीदिया अस्पताल में प्रदर्शन के कारण बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के कामकाज पर असर पड़ा, जिससे मरीजों को परेशानी हुई।



