धीरोडा-दरोगाला सड़क मार्ग पर अचानक 11 हजार वोल्टेज वाली बिजली लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। उसी समय वहां से गुजर रहे बाइक सवार दो व्यक्ति हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
मध्य प्रदेश के अलवर जिले में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। धीरोडा-दरोगाला सड़क मार्ग पर अचानक 11 हजार वोल्टेज वाली बिजली लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। उसी समय वहां से गुजर रहे बाइक सवार दो व्यक्ति हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उनकी बाइक भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टहला थाना क्षेत्र के धीरोडा-दरोगाला मार्ग पर सोमवार शाम दो व्यक्ति बाइक से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी की बिजली लाइन का तार अचानक टूटा और उनकी बाइक पर गिरा। इससे उन दोनों की जलकर मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने शोर मचाया और बिजली विभाग को सूचना दी गई।
ग्रामीणों ने किसी तरह मौके पर पहुंचकर मदद करने का प्रयास किया, लेकिन हाई वोल्टेज लाइन होने के कारण कोई भी व्यक्ति उनके पास जाने का साहस नहीं कर सका। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद लोगों ने राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक दोनों व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना मिलते ही टहला थाना पुलिस पुलिस जाप्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए टहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान टहला क्षेत्र के लिलिया निवासी मूलचंद पुत्र देवबक्स गुर्जर (55 वर्ष) तथा कानियावास निवासी रमेश पुत्र लायूराम गुर्जर (52 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों किसी कार्य से बाइक पर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विद्युत लाइनों के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली लाइनों की जांच और मरम्मत की जाती तो इस तरह की दुखद घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने विभाग से जर्जर बिजली लाइनों की तत्काल जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं बिजली विभाग भी यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर 11 हजार केवी लाइन का तार किन कारणों से टूटा। इस हादसे ने एक बार फिर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और बिजली लाइनों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। क्षेत्र के लोग प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट- हँसराज



