सावन में काशी आने वाले शिव भक्तों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। वाराणसी रेलवे स्टेशन पर ही होल्डिंग एरिया बनाया गया है। पूरे शहर को जोन में बांटकर सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। लगातार भंडारा भी चलेगा।
सावन में शिव भक्तों के स्वागत के लिए भोले की नगर काशी में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर ही नहीं पूरे शहर में इसे लेकर तैयारी की गई है। बाहर से आने वालों के लिए वाराणसी रेलवे स्टेशन पर ही होल्डिंग एरिया बनाया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बनारस के हृदय स्थल दशाश्वमेध पर लगातार चलने वाला भंडारा शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए शहर को जोन और सेक्टर में बांट कर निगरानी की जा रही है। एआई कैमरों और त्रिनेत्र से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। गुरुवार से भले ही सावन की शुरुआत हो गई है लेकिन श्रद्धालु-भक्तों और कांवरियों का रेला दो अगस्त रविवार से उमड़ने की उम्मीद है। तीन अगस्त को सावन का पहला सोमवार है।
वाराणसी स्टेशन पर होल्डिंग एरिया
रेलवे और सड़क परिवहन निगम ने सावन में आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैंट स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां यात्री बैठ सकेंगे। बुधवार को कांवरियों का जत्था सुलतानगंज, जसीडीह और देवघर जाने वाली बठिंडा-बलूरघाट फरक्का एक्सप्रेस, प्रयागराज रामबाग-हावड़ा विभूति एक्सप्रेस, वाराणसी-देवघर वंदेभारत एक्सप्रेस और अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल से देवघर रवाना हुआ। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज से वाराणसी और औड़िहार तक विशेष ट्रेनें चलाई हैं। उधर, परिवहन निगम ने कांवर रूटों पर 39 अतिरिक्त बसें चलाएगा।
दशाश्वमेध में अखंड भंडारा आज से
बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क के पास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक मध्याह्न में भंडारा चलेगा। ललित बेरीवाला के सौजन्य एवं मुकेश शर्मा, गीतकार कन्हैया दूबे, राजेश शर्मा, विजय कृष्ण मिश्रा, सुनील शर्मा के सहयोग से भक्तों में भोजन प्रसाद का वितरण होगा। आयुष राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ 30 जुलाई को अपराह्न 01:00 बजे भंडारा का उद्घाटन करेंगे।
पुलिस के पांच हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान
सावन मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक एवं दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और कांवरिया काशी पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए पुलिस ने व्यापक एवं हाईटेक व्यवस्था की है। भीड़ प्रबंधन, यातायात, जल सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। गंगा घाटों और प्रमुख मार्गों पर जल, थल एवं नभ, तीनों स्तरों से निगरानी की जाएगी। बड़ी संख्या में सिविल पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ तथा जल पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि पूरे शहर को 5 जोन एवं 15 सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के लिए 5 आईपीएस एवं 50 राजपत्रित अधिकारियों के साथ लगभग पांच हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सीपी के अनुसार काशी के सभी प्रमुख मंदिरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा।
इसके अतिरिक्त फायर टेंडर, क्यूआरटी, खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा सुविधा तथा एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। कई पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर के 70 प्रतिशत हिस्से की निगरानी सीसी कैमरों एवं ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली से की जाएगी। 24 घंटे ड्रोन से भी निगरानी होगी। विश्वनाथ मंदिर तथा रेलवे स्टेशनों पर कंट्रोल रूम से व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
बीएचयू विश्वनाथ मंदिर पर अलग-अलग कतारें
बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव 30 जुलाई से 28 अगस्त तक मनाया जाएगा। परिसर में सुरक्षा के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के खास इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रतिदिन प्रात: चार बजे से मध्याह्न 12 बजे और अपराह्न एक बजे से रात्रि नौ बजे तक खुला रहेगा। मंदिर में दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष की अलग-अलग लाइन रहेगी। विवि के कर्मचारियों-छात्रों के लिए अलग से लाइन रहेगी। 28 अगस्त तक किसी भी रविवार, सोमवार, प्रदोष आदि विशेष तिथियों पर अत्यधिक भीड़ बढ़ जाने पर गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराने पर रोक रहेगी। सोमवार छोड़कर रविवार सहित अन्य विशेष तिथियों में भीड़ का आकलन करते हुए रुद्राभिषेक की अनुमति मिलेगी।
सावन में नौ विशेष योग से शिव साधना
चार सोमवार वाले सावन में इस वर्ष साधकों को शिव साधना के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। सावन में कुल नौ ऐसे विशिष्ट योग बनेंगे जिनके प्रभाव से शिव आराधना विशिष्ट फलदायी हो जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. रमाकांत शास्त्री के अनुसार 30 जुलाई को आनंद योग से युक्त सिद्धि योग बनेगा। अंतिम सोमवार 24 अगस्त को भी सिद्धि योग बनेगा। यह पूजन-पाठ के लिए विशेष माना गया है।
इस बार सावन के पहले सोमवार, तीन अगस्त को यायीजय योग, दूसरे सोमवार, 10 अगस्त को सर्वार्थ सिद्धि और त्रिपुष्कर योग बनेंगे। 11 अगस्त को श्रावण मास शिवरात्रि पर सर्वार्थ अमृत सिद्धि और बुधादित्य योग बनेंगे। वहीं 15 अगस्त को रवि योग बनेगा। इन योगों में भगवान शिव की आराधना करने का विशिष्ट फल प्राप्त होता है। पं. रमाकांत शास्त्री ने कहा कि सावन की उत्पत्ति श्रवण नक्षत्र से हुई है। इस नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है जो भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान है। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में भगवान शंकर के पूजन-अर्चन से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस बार कुल नौ विशिष्ट अवसर बनने से धार्मिक दृष्टि से इस महीने का महत्व बढ़ जाता है।


