• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Friday, November 6, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

दंगल फिल्म जैसी है इस बाप-बेटी की जोड़ी! पिता बने कोच.. गांव की मिट्टी से निकलकर माधुरी ने लगा दी मेडल की झड़ी

admin by admin
May 7, 2026
in खेल
0 0
0
दंगल फिल्म जैसी है इस बाप-बेटी की जोड़ी! पिता बने कोच.. गांव की मिट्टी से निकलकर माधुरी ने लगा दी मेडल की झड़ी

[ad_1]

Last Updated:May 06, 2026, 15:27 IST

आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी और समाज की सोच इन सभी चुनौतियों के बावजूद इस पिता-बेटी की जोड़ी ने हार नहीं मानी. खंडवा के बोरगांव गांव की रहने वाली माधुरी पटेल आज कुश्ती के मैदान में अपनी पहचान बना चुकी हैं. यह कहानी आज हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को उड़ान देना चाहती है.

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती. यह सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि एक पिता के अटूट विश्वास, संघर्ष और बेटी के जुनून की मिसाल है, जिसने समाज की सोच को बदलकर रख दिया. खंडवा के बोरगांव गांव की रहने वाली माधुरी पटेल आज कुश्ती के मैदान में अपनी पहचान बना चुकी हैं. लेकिन इस सफलता के पीछे छुपी मेहनत और संघर्ष की कहानी बेहद खास है. जिस दौर में गांवों में बेटियों का खेलों में जाना भी आसान नहीं होता, उस समय उनके पिता जगदीश पटेल ने समाज की परवाह किए बिना अपनी बेटी को पहलवान बनाने का फैसला लिया.

माधुरी की कहानी की शुरुआत बचपन से ही हो गई थी, जब उनके पिता ने खुद उन्हें कुश्ती सिखाना शुरू किया. यह कोई फिल्म से प्रेरित फैसला नहीं था, बल्कि एक पिता का अपनी बेटी पर विश्वास और उसका भविष्य संवारने का सपना था. जगदीश पटेल खुद भी पहलवानी करते थे, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनका सपना अधूरा रह गया. उन्होंने ठान लिया कि जो मुकाम वे नहीं हासिल कर सके, वह उनकी बेटी हासिल करेगी. गांव की मिट्टी में ही उन्होंने अखाड़ा बनाया और माधुरी को दांव-पेंच सिखाने लगे.

12 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर
माधुरी पटेल ने महज 12 साल की उम्र में कुश्ती शुरू की और आज करीब 10 साल से इस खेल में लगातार मेहनत कर रही हैं. शुरुआत में उनका इस खेल में खास रुचि नहीं थी, लेकिन पिता की प्रेरणा और सख्त ट्रेनिंग ने धीरे-धीरे उनके अंदर जुनून जगा दिया. आज वही माधुरी 12 मेडल जीत चुकी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बुल्गारिया में खेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया.

सपना ओलिंपिक गोल्ड
माधुरी का अब एक ही सपना है ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना. वे बताती हैं कि नौकरी मिलने के बाद वे पूरी तरह से ओलंपिक की तैयारी में जुट जाएगी. उनका और उनके पिता का एक ही लक्ष्य है कि देश के लिए गोल्ड मेडल लाकर तिरंगा लहराए.

गांव के बच्चों को भी दे रहे मुफ्त ट्रेनिंग
जगदीश पटेल सिर्फ अपनी बेटी तक सीमित नहीं रहे. उन्होंने गांव के करीब 150 से ज्यादा बच्चों को भी कुश्ती सिखाना शुरू किया, जिसमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं. खास बात यह है कि वे यह ट्रेनिंग पूरी तरह मुफ्त देते हैं. सुबह-शाम गांव के इस अखाड़े में बच्चों की मेहनत और पसीना यह साबित करता है कि छोटे गांवों में भी बड़े सपने जन्म लेते हैं.

संघर्ष से बनी सफलता की कहानी
माधुरी की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता. यह कहानी आज हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को उड़ान देना चाहती है.सच ही कहा गया है.“म्हारी छोरियां भी छोरों से कम नहीं.

About the Author

authorimg

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें

News18 न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

Location :

Khandwa,Madhya Pradesh

[ad_2]

Source link

Views: 2
Previous Post

मातम में बदली खुशियां…हमीरपुर में डूबी नाव, 6 लोग लापता, 3 को बचाया गया, शादी में आए थे सभी

Next Post

वंदन योजना के तहत कैलाश मंदिर परिसर का होगा सौंदर्यीकरण।

admin

admin

Next Post

वंदन योजना के तहत कैलाश मंदिर परिसर का होगा सौंदर्यीकरण।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • आत्मीयता और अपनत्व के बीच यादगार बना दीपावली मिलन समारोह, शान्तनु शुक्ला ने जताया सभी का आभार।
  • नोएडा में पत्रकारिता जगत का अनूठा दीपावली मिलन, जहां न कोई मेजबान था और न कोई मेहमान।

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • देवरिया
    • धनबाद
    • बिहार
    • बॉलीवुड
    • मथुरा विन्द्रावन
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • लखनऊ
    • वाराणसी
    • विदेश
    • सिंगरौली
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    by Shantosh Mishra
    November 1, 2026
    0

    संवाददाता। विशाल गुप्ता। बिजली, कोयला, इस्पात और बंदरगाहों समेत महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अब सेक्टर आधारित निगरानी के दायरे में...

    Recent News

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    November 1, 2026

    अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।

    November 1, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News