
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा—तहसील दिवस पर सौंपा गया ज्ञापन।
सोनभद्र। जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा बढ़ाई जा रही मनमानी फीस और किताबों-ड्रेस के बढ़ते दामों को लेकर अभिभावकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल संचालक हर साल फीस में भारी बढ़ोतरी कर रहे हैं, जिससे मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जहां सामान बाजार से कहीं अधिक दामों पर बेचा जा रहा है। इसे लेकर स्कूलों और दुकानदारों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं। तहसील दिवस पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। सपा नेता प्रमोद यादव के नेतृत्व में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने, फीस नियंत्रण लागू करने और एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य करने की मांग की गई। अभिभावकों ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है। खासकर महिलाओं ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है और शिक्षा अब आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है। वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी और अभिभावक मिलकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन अभिभावक अब ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।