प्रतापगढ़ः उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में बॉलीवुड के महानायक व बिग बी अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव बाबू पट्टी में डॉ हरिवंश राय बच्चन की याद में बना पुस्तकालय का ध्वस्तीकरण होगा. ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर जिला पंचायती राज अधिकारी प्रतापगढ़ श्रीकांत दर्वे ने PWD को ध्वस्तीकरण के लिए पत्र लिखा है. तकनीकी जांच के बाद PWD विभाग ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर सकता है.
जर्जर हालत में पुस्तकालय
डॉ हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में बना पुस्तकालय जर्जर स्थिति में है. गांव में पुस्तकालय का पुनरुद्वार किया जाना है. इसके कारण पुस्तकालय का ध्वस्तीकरण होगा, जिसकी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है. गौरा ब्लॉक के बाबू पट्टी गांव में बने डॉ हरिवंश राय बच्चन पुस्तकालय का उद्घाटन अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन ने तत्कालीन सांसद अमर सिंह के साथ बाबूपट्टी गांव आकर 5 मार्च 2006 को अपने हाथों से किया था. इस पुस्तकालय का निर्माण 2004 में हुआ था.
ध्वस्तीकरण कराने की कार्रवाई तेज
प्रतापगढ़ के अफसरों ने इसके ध्वस्तीकरण कराने की कार्रवाई तेज कर दी है. अफसरों को उम्मीद है जल्द ही इसका आदेश भी जारी हो जाएगा. क्योंकि इस पुस्तकालय का निर्माण 22 वर्ष पूर्व हुआ था. अब मानक अनुरूप नहीं रह गया है. पुस्तकालय का ध्वस्तीकरण यूं ही नहीं हो रहा है. इसी स्थान पर नए पुस्तकालय का निर्माण कराया जाना है,जिसकी अनुमानित लागत 60 लाख रुपए लगने की उम्मीद है. जिसका प्रस्ताव तैयार कर पंचायती निदेशालय को भेज दिया गया है. बजट आते ही काम भी शुरू होगा.
मॉडर्न सुविधाओं से लैस होगा नया पुस्तकालय
वहीं वाचनालय में गेस्ट रूम के साथ साथ डिजिटल लाइब्रेरी भी होगी. कंप्यूटर, फर्नीचर,कुर्सियों मॉडर्न सुविधाओं से लैस होगा. मातृभूमि योजना के तहत डॉ हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान महाराष्ट्र ने गांव को गोद लिया है. बाबू पट्टी गांव में कराए जाने वाले करोड़ों के विकास कार्य डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान महाराष्ट्र के तरफ से कराए जाने हैं, जो कि इस प्रकार हैं.
लाइब्रेरी में रहेगी यह-यह सुविधाएं
प्रवेश द्वार, सीसी रोड, शुद्ध पेयजल ,सोलर स्ट्रीट लाइट, संस्कृतिक भवन, सार्वजनिक स्वच्छता गृह, एम्बुलेंस वाहन,सार्वजनिक उद्यान, हरिवंश राय बच्चन के नाम पर गांव में चौक, व्यक्तिगत शौचालय, बस स्टॉप, बैंक ग्राहक सेवा केंद्र, माध्यमिक और जूनियर स्कूल, पुस्तकालय का पुनरुद्वार प्रमुख हैं, जिसकी कुल लागत करोड़ों रुपए की है. इन कार्यों को डीएम ने हरी झंडी भी दे दी है. जिसको निदेशालय भेजा जा चुका है. मातृभूमि योजना के अंतर्गत यह विकास कार्य कराए जाने हैं.



