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Nisha Paliwal Success Story: निशा पालीवाल ने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन के दम पर खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने वुशु और बॉक्सिंग में कई राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन किया. खेलो इंडिया और सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के साथ नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल भी हासिल किया. उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि 2026 में स्पोर्ट्स कोटे से उनका चयन सरकारी नौकरी के लिए हुआ. उनकी सफलता आज युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है.

कोटा की खिलाड़ी निशा पालीवाल ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर वुशु और बॉक्सिंग जैसे मार्शल आर्ट खेलों में खास पहचान बनाई है. उनकी खेल यात्रा साल 2020 में शुरू हुई और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित की है. वर्ष 2022 में जोधपुर में आयोजित सीनियर स्टेट वुशु चैंपियनशिप में निशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता. इसी वर्ष उन्होंने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित सीनियर नेशनल वुशु चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया और अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया. खेल के ही दम पर 2026 में उनका चयन स्पोर्ट्स कोटे से सीधे सरकारी नौकरी के लिए हुआ है.

साल 2023 निशा पालीवाल के लिए बेहद खास रहा. इस साल उन्होंने झुंझुनूं के पिलानी में आयोजित सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता. इसके अलावा खेलो इंडिया प्रतियोगिता में भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. वहीं नेशनल गेम्स 2023 में भी निशा ने दमदार प्रदर्शन किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया. लगातार मिल रही इन सफलताओं ने उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक उभरती हुई खिलाड़ी के रूप में पहचान दिलाई और उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी.

निशा पालीवाल ने देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कई बड़ी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है. इनमें पुणे में आयोजित सीनियर नेशनल वुशु चैंपियनशिप, चंडीगढ़ में वुशु फेडरेशन कप, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और पटियाला में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वुशु चैंपियनशिप शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने हरियाणा में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी भाग लिया. इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर निशा ने अपने खेल कौशल को निखारा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए.
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निशा पालीवाल का चयन स्पोर्ट्स कोटे से सरकारी नौकरी के लिए हुआ है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे पालीवाल समाज में खुशी का माहौल है. लोगों ने इसे उनकी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम बताया है. खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि निशा की यह सफलता युवा खिलाड़ियों, खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है. उन्होंने साबित किया है कि लगन, मेहनत और निरंतर प्रयास से कोई भी खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकता है और समाज में नई पहचान बना सकता है.

निशा पालीवाल ने अपने संघर्ष, लगन और कड़ी मेहनत के दम पर यह साबित कर दिया है कि निरंतर प्रयास से कोई भी खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकता है. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने खेल के क्षेत्र में लगातार मेहनत की और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. उनकी उपलब्धियां आज कई युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. निशा की सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो हर मुश्किल को पार कर नई पहचान बनाई जा सकती है.


