Last Updated:
UP Livestock Scheme: लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है. इस योजना के तहत स्वदेशी नस्ल की गायों पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे किसान और महिलाएं कम लागत में पशुपालन शुरू कर दूध उत्पादन से अच्छी कमाई कर सकते हैं. आइए जानते हैं इस योजना की पूरी डिटेल.
लखीमपुर खीरी: खेती के साथ पशुपालन आज किसानों की आमदनी बढ़ाने का मजबूत जरिया बनता जा रहा है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भी बड़ी संख्या में किसान दूध उत्पादन के जरिए लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. हालांकि, कई छोटे और मध्यम किसान महंगी और उन्नत नस्ल की गाय खरीदने में सक्षम नहीं हो पाते, जिस वजह से वे पशुपालन शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने से हिचकते हैं. ऐसे किसानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने एक खास योजना शुरू की है, जो अब जिले में किसानों के लिए बड़ा सहारा बन रही है.
नन्द बाबा दुग्ध मिशन योजना के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना चलाई जा रही है. इस योजना का मकसद स्वदेशी और उन्नत नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाना और नस्ल सुधार को बढ़ावा देना है. योजना के अंतर्गत लखीमपुर खीरी जिले में कुल 28 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है. इसके जरिए पशुपालकों को स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदने के लिए आर्थिक सहायता यानी अनुदान दिया जा रहा है, ताकि वे कम लागत में पशुपालन शुरू कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें.
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी लखीमपुर खीरी दिनेश सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी योजना है. इस योजना के तहत दो गाय की एक इकाई स्थापित करने पर करीब 2 लाख रुपये की लागत आती है. इसमें सरकार की ओर से अधिकतम 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जो लगभग 80 हजार रुपये तक होता है. योजना के माध्यम से साहीवाल, थारपारकर और गिर जैसी स्वदेशी और उन्नत नस्ल की गायों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके साथ ही किसानों को इन नस्लों के फायदे बताकर जागरूक भी किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: सर्दी में पशुओं के लिए ‘रूम हीटर’ Free की ये चीज! न घटेगा दूध का उत्पादन, न पशु होंगे बीमार
लॉटरी के जरिए होगा चयन
खीरी जनपद में इस योजना के तहत 28 इकाइयों का लक्ष्य पूरा किया गया है, जिसमें 14 महिलाओं को भी भागीदारी दी गई है. चयन की प्रक्रिया ई-लॉटरी के माध्यम से की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. इस योजना से महिलाएं भी पशुपालन से जुड़कर दूध उत्पादन का काम शुरू कर सकती हैं और अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं.
बाजार में दूध की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए अब युवा वर्ग भी तेजी से पशुपालन की ओर आकर्षित हो रहा है. कम लागत और सरकारी अनुदान की मदद से किसान और युवा अच्छी कमाई कर रहे हैं. प्रदेश सरकार का उद्देश्य इस तरह की योजनाओं के जरिए किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है. मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना लखीमपुर खीरी के किसानों के लिए कम खर्च में मुनाफा कमाने का एक बेहतर अवसर साबित हो रही है.
About the Author

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें



