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Agriculture Tips: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के अमरनाथ मौर्य पढ़ाई के साथ-साथ भिंडी की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. इंटर के छात्र अमरनाथ ने बेड विधि और जैविक तरीके से एक बीघा में भिंडी की खेती शुरू की, जिससे पानी की बचत के साथ बेहतर उत्पादन मिल रहा है. उनकी मेहनत और नई सोच आज दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.
गोंडा. आज के समय में युवा जहां नौकरी की तलाश में बड़े शहरों की ओर जा रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का एक युवक खेती के जरिए अपनी अलग पहचान बना रहा है. यह युवक पढ़ाई के साथ-साथ भिंडी की खेती कर अच्छी कमाई कर रहा है, उसकी मेहनत और नई सोच अब दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है. गोंडा जिले विकासखंड रुपईडीह के रहने वाले अमरनाथ मौर्य ने पारंपरिक खेती से हटकर भिंडी की खेती शुरू की. शुरुआत में परिवार के लोगों को यह काम थोड़ा कठिन लगा, लेकिन युवक ने मेहनत और सही जानकारी के दम पर खेती को सफल बना दिया. वह सुबह खेतों में काम करता है और उसके बाद अपनी पढ़ाई भी जारी रखता है. पढ़ाई और खेती दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं था, लेकिन उसने मेहनत से दोनों काम संभाल लिए. लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील किसान अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि अमरनाथ मोरिया बताते हैं कि वह इस समय इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई के साथ-साथ व खेती किसानी भी कर रहे हैं. खेती किसानी में वह लगभग एक बीघा में भिंडी की खेती कर रहे हैं.
पिताजी को देखकर शुरू की खेती
अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि हमारे पिताजी भी खेती किसानी करते थे, उन्हीं को देखकर हमने भी खेती किसानी करना शुरू की और इस समय भिंडी की खेती कर रहे हैं. अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि हम भिंडी की खेती बेड विधि से कर रहे हैं. इस विधि में पानी की बचत होती है और पानी सीधे पौधे में ना जाकर बीच में लाइन बना रहता है. इस लाइन में जाती है क्योंकि भिंडी को पानी की आवश्यकता कम होती है इसलिए हम बेड विधि से भिंडी की खेती कर रहे हैं.
अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि bbh 11 वैरायटी की भिंडी है या भिंडी गोंडा के वातावरण में काफी अच्छे से सरवाइव कर रही है. मौर्य बताते हैं कि एक बीघा भिंडी की खेती में लगभग 5 से 6000 रुपए की लागत लग जाती है, यदि मंडी का रेट अच्छा रहे तो ठीक-ठाक इनकम होने की उम्मीद रहती है.
कब लगाए थे भिंडी
अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि 10 से 15 फरवरी के बीच में हम भिंडी लगाए थे और लगाने के लगभग 60 दिन बाद भिंडी फल देना शुरू कर देता है. इस समय हमारे खेत में हार्वेस्टिंग शुरू है और लगभग तीन से चार महीने तक भिंडी फल देता है. उन्होंने बताया कि इस समय लग्न का सीजन चल रहा है जिससे हमारी भिंडी सप्लाई करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है. अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि हम अपने भिंडी की सप्लाई खरगूपुर सब्जी मंडी और गोंडा सब्जी मंडी में करते हैं इसके अलावा हमारे खेत से भी काफी लोग भिंडी ले जाते हैं. अमरनाथ मौर्य बताते हैं कि अपने भिंडी के खेत में रासायनिक खाद का प्रयोग ना के बराबर करते हैं और पूरी तरीके से जैविक खेती करने की कोशिश करते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



