Last Updated:
Barabanki News: किसानों को अगर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं तो हरी सब्जियों की खेती उनके लिए फायदेमंद साबित होगी. कम लागत में कई गुना अधिक लाभ मिलने की वजह से किसान सब्जियों की खेती में रुचि दिखा रहे हैं. ऐसे में सलाद पत्ता जैसी फसलों की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है.
बाराबंकी: आज के समय में खेती-किसानी भी एक व्यवसाय का रूप ले चुकी है. किसान कुछ विशेष फसलों की खेती से लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि हरी सब्जियों की बढ़ती मांग और अच्छी कीमतों के कारण किसान बड़े पैमाने पर इनकी खेती कर रहे हैं. कम लागत में कई गुना अधिक लाभ मिलने की वजह से किसान सब्जियों की खेती में रुचि दिखा रहे हैं. ऐसे में सलाद पत्ता जैसी फसलों की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है.
जिले के इस युवा किसान ने सलाद पत्ता की खेती कर लागत के हिसाब से अच्छा फायदा हो रहा है, जिसके लिए वह दो सालों से सलाद पत्ता की खेती कर रहे हैं. जनपद बाराबंकी के सहेलिया गांव के रहने वाले युवा किसान अनुज अन्य फसलों के मुकाबले सलाद पत्ता की खेती की शुरुआत की, जिसमें उन्हें अच्छा मुनाफा देखने को मिला. आज वह करीब दो बीघे में सलाद पत्ता की खेती कर एक फसल पर 60 से 70 हजार रुपए मुनाफा कमा रहे हैं.
कम समय में फसल तैयार
सलाद पत्ता की खेती कर रहे किसान अनुज कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वैसे मैं ज्यादातर सब्जियों की खेती करता हूं, लेकिन इधर दो सालों से सलाद पत्ता की खेती कर रहा हूं, क्योंकि इसकी डिमांड बड़े-बड़े होटलो व रेस्टोरेंट में ज्यादा रहती है. इस वजह से यह काफी अच्छे रेट में जाता है. इस खेती में लागत कम और मुनाफा कहीं अधिक है. इस समय मेरे पास दो बीघे में सलाद पत्ता लगा है, जो दो किस्म का है, जिसमें लागत करीब एक बीघे में 8 से 10 हजार रुपये आती है. वहीं मुनाफा करीब एक फसल पर 60 से 70 हजार रुपए तक हो जाता है और यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है.
दो-तीन बार जुताई
किसान ने बताया कि इसकी खेती करना बहुत आसान है. पहले खेत की दो-तीन बार जुताई की जाती है, फिर इसमें गोबर की खाद का छिड़काव करक़े फिर खेत समतल करके सलाद के पत्तों के बीजों की बुवाई की जाती है. जब पौधा निकल आता है, तब इसकी सिंचाई करनी होती है. फिर वहीं इसकी बुवाई करने के महज 40 से 45 दिनों बाद फसल तैयार हो जाती है.
About the Author

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


