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Bollywood Movies with Same Title : बॉलीवुड में वैसे तो अलग-अलग टाइटल से ही फिल्में बनती हैं. हर फिल्म का नाम दूसरी मूवी से अलग होता है, फिर भी सेम टाइटल से कई फिल्में देखने को मिल चुकी है. ‘आंखें’ फिल्म तो पांच बार सेम टाइटल से बन चुकी है. इसमें गोविंदा-चंकी पांडेय की 1993 की आंखें तो सुपर ब्लॉकबस्टर रही थी. 37 साल के अंतराल में सेम टाइटल से एक फिल्म तीन बार बन चुकी है. दो फिल्मों की कहानी एक जैसी ही थी. सेम टाइटल से बनीं इन तीन फिल्में में से सिर्फ एक ही बॉक्स ऑफिस पर मैसिव हिट रही. ये तीनों फिल्में कौन सी हैं, आइये जानते हैं….

बॉलीवुड में हर फिल्म का टाइटल, म्यूजिक, डायरेक्टर-एक्टर अलग-अलग ही होते हैं. अलग-अलग जॉनर की फिल्में सिनेमाघरों में आती हैं. कई बार सेम टाइटल से बनी मूवी भी चर्चा का विषय बन जाती हैं. 37 साल के अंतराल में ऐसी ही तीन फिल्में आईं जिनका टाइटल सेम था. इन तीन फिल्मों में से एक एवरेज रही, दूसरी हिट हुई तो तीसरी मूवी डिजास्टर साबित हुई. सेम टाइटल से बनी इन तीनों फिल्मों का नाम ‘साथी’ था जो कि 1968, 1991 और 2005 में रिलीज हुईं.

सबसे पहले बात करते हैं 1968 में आई साथी फिल्म की जिसका निर्देशन सीवी श्रीधर ने किया था. यह एक रोमांटिक फिल्म थी. साथी फिल्म में राजेंद्र कुमार, वैजयंती माला, सिमी ग्रेवाल, डेविड अब्राहम, राम मोहन जैसे सितारे नजर आए थे. शशि कपूर, नंदा, संजीव कुमार, डीके सप्रू गेस्ट रोल में थे. फिल्म को एस. कृष्णामूर्ति और टी. गोविंदराजन ने प्रोड्यूस किया था. फिल्म का म्यूजिक नौशाद ने तैयार किया था. गाने मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. फिल्म की कहानी लव ट्रायंगुलर पर बेस्ड थी. यह फिल्म 1961 में आई एक तमिल फिल्म का रीमेक थी. इस फिल्म ने 1.76 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह उस साल कमाई के मामले में 11वें स्थान पर रही थी. हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही थी. बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर पुरस्कार सिमी ग्रेवाल को मिला था.

आज यह फिल्म अंडररेटेड क्लासिक में शामिल है. फिल्म का एक गाना ‘मेरा प्यार भी तू है’ मुकेश और सुमन कल्याणपुर ने गाया था. फिल्म का एक गाना ‘मैं तो प्यार से तेरे पिया’ बहुत कर्णप्रिय था. अगले साल 1969 में आई ‘चिराग’ में ‘भोर होते कागा पुकारे काहे राम’ में भी यही ट्यून सुनाई दी थी. इस फिल्म का म्यूजिक मदन मोहन ने तैयार किया था.
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अब बात करते हैं 20 सितंबर 1991 को रिलीज हुई एक क्राइम-एक्शन फिल्म ‘साथी’ की जिसका डायरेक्शन मुकेश भट्ट ने किया था. फिल्म में आदित्य पंचोली, मोहसिन खान, वर्षा उर्सगांवकर, परेश रावल लीड रोल में थे. इस फिल्म गाने भी बहुत पॉप्युलर हुए थे. आदित्य पंचोली ने इसमें दमदार एक्टिंग की थी. म्यूजिक नदीम-श्रवण ने दिया था. गीत समीर ने लिखे थे. फिल्म का एक गाना ‘हुई आंख नम और ये दिल मुस्कुराया तो साथी कोई भूला याद आया’ बहुत पॉप्युलर हुआ था. जी हां! हम बात कर रहे हैं ‘साथी’ फिल्म की जिसका डायरेक्शन महेश भट्ट ने किया था. फिल्म की कहानी रॉबिन भट्ट ने लिखी थी. सिनेमेटोग्राफी प्रवीण भट्ट की थी.

पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान भारतीय एक्ट्रेस रीना रॉय के एक्स-हस्बैंड हैं. उन्होंने जेपी दत्ता की फिल्म ‘बंटवारा’ से बॉलीवुड में एंट्री ली थी. रीना रॉय के अनुरोध पर महेश भट्ट ने उन्हें ‘साथी’ फिल्म में काम दिया था. हालांकि मोहसिन खान एक्टिंग को लेकर सीरियस नहीं थे. महेश भट्ट ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था. इतना ही नहीं, मोहसिन खान जब साथी फिल्म में काम कर रहे थे, तब पाकिस्तानी कलाकारों का बॉलीवुड में विरोध हो रहा था. मोहसिन खान के साथ भी धक्का-मुक्की की गई थी. ऐसे में महेश भट्ट उन्हें बाला साहेब ठाकरे के पास लेकर पहुंचे थे.

फिल्म में 41: 25 मिनट की लेंग्थ के 7 गाने थे. फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. सभी गाने एक से बढ़कर एक थे. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘जिंदगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए’, ‘आज हम तुम ओ सनम, मिलके ये वादा करें’ और ‘हुई आंख नम और ये दिल मुस्कुराया’ शामिल थे. फिल्म का एक गाना ‘तेरे नाम सबके लब पे’ की ट्यून को आगे चलकर ‘आंदोलन’ फिल्म में लिया गया और ‘दिल तो खोया है यहीं पे कहीं पे, तू जरा बता’ गाना इसी ट्यून पर तैयार किया गया था. फिल्म के एक गाने ‘जिंदगी की तलाश में हम, मौत के कितने पास आ गए’ को सुनकर दुबई से रियल गैंगस्टर ने गीतकार समीर को रात में चार बजे फोन लगाया था. गीतकार समीर ने अपने एक इंटरव्यू में पूरा किस्सा बताया था.

साथी फिल्म का बजट करीब 1.4 करोड़ के करीब था. बॉक्स ऑफिस पर 4.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी. 2002 में इसी नाम से एक बंगाली फिल्म बनाई गई जो कि सुपरहिट निकली थी. साथी फिल्म को आदित्य पंचोली के करियर की सबसे बेस्ट मूवी माना जाता है. आदित्य पंचोली का कैरेक्टर हॉलीवुड फिल्म स्कारफेस के टोनी मोटाना से इंस्पायर्ड था जिसे अल पचीनो ने निभाया था.

7 अक्टूबर 2005 में ‘साथी – द कैंपिनेयन’ नाम से एक और फिल्म सिनेमाघरों में आई. इस फिल्म को गीतकार फैज अनवर ने डायरेक्ट किया था. उन्होंने फिल्म के गीत भी लिखे थे. स्टोरी-स्क्रीनप्ले-डायलॉग वी. शंकर ने लिखे थे. म्यूजिक निखिल-विनय का था. फिल्म में दिव्या काक, समीर अली खान, रुपा दत्त और आंचल आनंद नजर आए थे. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई. 60 लाख के बजट में बनी यह फिल्म सिर्फ 3.5 लाख का बिजनेस कर पाई थी.


