सहारनपुर: जिस तरह लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने जगह-जगह प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खुलवाए हैं अब उसी तर्ज पर अब पशुपालन विभाग भी पशुओं की सस्ती दवाएं बेचने वाले पशु औषधि केंद्र खुलवाने जा रहा है. सहारनपुर जनपद में पशु औषधि केन्द्र खोलने की शासन की ओर से हरी झंडी मिल गयी है. इससे पशुओं के इलाज पर पशुपालकों को भारी भरकम खर्च नहीं करना पड़ेगा.
मार्केट रेट से कम में मिलेंगी दवाइयां
पशु औषधि केन्द्र पर रोजमर्रा में उपयोग होने वाली दवाएँ, टीके, विटामिन और मिनरल समेत अन्य पशु चिकित्सीय सामग्री बाजार के रेट से 50 से 70 फीसदी कम मूल्य पर उपलब्ध होगी. इस नई व्यवस्था से पशुपालकों को आर्थिक राहत मिलेगी और पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम भी आसान होगी. पशु औषधि केंद्र के लिये प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र व सहकारी समितियां पात्र होंगी.
क्या होनी चाहिए योग्यता
आवेदन के लिये फार्मासिस्ट का पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्रग लाइसेन्स, न्यूनतम 120 वर्ग फीट स्थान होना अनिवार्य है. पांच हजार रूपये निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन ऑनलाइन करना होगा. पशु औषधि केंद्र खुलने से अब पशुपालकों को अपने पशुओं की सेहत से समझौता नहीं करना पड़ेगा, उनको सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध होगी तो पशु को समय पर दवाई दी जा सकेंगी. इससे पशुओं की मृत्यु दर में भी कमी आएगी और पशुपालक की जेब पर कम भार पड़ेगा.
नहीं करना पड़ेगा पशुओं की सेहत से समझौता
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ० एम०पी०सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य पशुपालकों को सस्ती दरों पर औषधियां उपलब्ध कराना है. जिले के प्रत्येक ब्लाक में कम से कम एक औषधि केंद्र खोलने की योजना है. जिले के सभी 76 पशुचिकित्सा केन्द्रों पर चरणबद्ध तरीक से पशु औषधि केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव है. इन पशु औषधि केन्द्रों पर सभी आवश्यक दवायें उपलब्ध होंगी जिनकी सूची का समय-समय पर अपडेट पशुपालन विभाग के चिकित्सक करते रहेगें.
कम कीमतों में मिलेंगी दवाएं
सरकार पशुपालन विभाग के जरिए नई पहल से इस प्रयास में हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को पशु औषधि केंद्र के माध्यम से कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवायें सुलभ करा सकें, क्योंकि पशुधन किसानों की आय का मुख्य आधार है और उनके पशु स्वस्थ रहेगें, तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
पशुओं की सेहत के लिए नहीं करना पड़ेगा समझौता
बहुत जल्द ही पशु औषधि केन्द्र का विस्तार सभी ब्लॉकों में किया जायेगा. वर्तमान में स्थिति यह है कि पशुओं के बीमार होने पर बाजार में दवायें मंहगी होने के कारण पशुपालक अपने पशुओं का इलाज करवाने से कतराने लगते है. यही नहीं डॉक्टर की लिखी गयी सभी दवाईयों की जगह अधूरी दवा देकर पशुओं के स्वास्थ्य से समझौता करते है. पशु औषधि केन्द्र के संचालन से इन समस्याओं पर रोक लगेगी. किसी भी विस्तृत जानकारी के लिये विकास भवन सहारनुपर स्थित मुख्य पशुचिकित्साधिकारी कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है.


