
सोनभद्र के कोन विकास खंड में बीडीओ पर आरोपः मुख्यालय छोड़ चोपन से काम, सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग और मनरेगा में अनियमितता का आरोप
विंध्य ज्योति संवाददाता
कोन (सोनभद्र), नवसृजित कोन विकास खंड के खंड विकास अधिकारी पर कई आरोप सामने आए हैं। मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि बीडीओ कोन में न रहकर चोपन से काम कर रहे हैं।बता दें कि कोन विकास खंड तीन राज्यों से सटा आदिवासी क्षेत्र है। पूर्व में यह क्षेत्र विकास खंड चोपन के अधीन था। जहाँ लोगों को 70-75 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। इसलिए कोन को अलग विकास खंड का दर्जा दिया गया। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने शिकायती पत्र में कहा गया कि बीडीओ के चोपन से आने-जाने में रोज 150 किमी की दूरी तय होती है। जिससे सरकार पर डीजल खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और वहीँ बीडीओ ने अपने चहेते के नाम पर सरकारी गाड़ी (UP51BT2404) आवंटित करवाई है। इस गाड़ी का उपयोग वे व्यक्तिगत जाने-आने के लिए करते हैं और वहीँ फर्जी बिलों का भुगतान कराते हैं। बीडीओ के ऊपर मनरेगा योजना में बड़ी अनियमितताओं के आरोप हैं। उनके द्वारा मनरेगा कार्यों में पैसा मांग कर रहे हैं। जो प्रधान पैसे नहीं दे रहे, उनकी ग्राम पंचायतों में कार्यों का अनुमोदन नहीं किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर कार्य पूरा हुए बिना ही भुगतान कर दिया गया है जो उच्चस्तरीय जाँच का विषय है। जन प्रतिनिधियों से मिलने में भी बीडीओ टालमटोल करते हैं। विशेषकर महिला जनप्रतिनिधियों को परेशानी होती है। उनके कक्ष में अक्सर दलालों की भीड़ रहती है। शिकायतकर्ता ने सीसीटीवी फुटेज की सार्वजनिक करते हुए जांच की मांग की है। मामले की प्रतिलिपि ग्राम विकास आयुक्त लखनऊ, आयुक्त विंध्याचल मंडल, जिलाधिकारी सोनभद्र और डीसी मनरेगा सोनभद्र को भेजी गई है।