
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र।जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की गठित जिला ओटीडी सेल के सदस्यों की उपस्थिति में वन ट्रिलियन डॉलर सेल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2029 तक राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु जिला स्तर पर भी सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में जिला स्तरीय आंकड़ों और प्रदर्शन की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केवल लक्ष्य निर्धारण से नहीं, बल्कि सतत निगरानी, पारदर्शी आंकड़े और विभागों के बीच समन्वय से ही इस दिशा में ठोस प्रगति संभव है। उन्होंने आने वाली बैठकों में सभी विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने और बेहतर कार्यालयी संस्कृति को अपनाने के प्रयासों को और तेज करें। जनपद की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले प्रमुख विभागों को सम्मिलित किया गया, जिन्हें तीन खंडों प्राथमिक (कृषि, पशुपालन, वानिकी, मत्स्य), द्वितीयक (उद्योग, ऊर्जा, निर्माण) और तृतीयक (व्यापार, परिवहन, होटल, वित्तीय सेवाएं) में विभाजित किया गया है। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अब तक किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुछ विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने मुख्यालयध्निदेशालय से समन्वय स्थापित कर अपने-अपने क्षेत्रों के आर्थिक सूचकों का सटीक एवं अद्यतन डेटा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने पोर्टल पर भेजे जा रहे आँकड़ों की निगरानी स्वयं करने की भी हिदायत दी, ताकि जिले का वास्तविक आर्थिक परिदृश्य स्पष्ट हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बहुआयामी रणनीति के तहत विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें डैडम् और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाएं स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दे रही हैं। इसके साथ ही श्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसश् में सुधार और इन्वेस्टर समिट के माध्यम से बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए यूपी-एग्रीस जैसे कार्यक्रमों के तहत आधुनिक तकनीकों और विश्व बैंक के सहयोग का उपयोग किया जा रहा है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण भी प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था में सुधार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, पीएम गति शक्ति योजना का क्रियान्वयन, पर्यटन को बढ़ावा और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार जैसे अन्य आयामों पर भी सरकार सतत कार्य कर रही है। राज्य की नीतियों को और अधिक सटीक व प्रभावी बनाने के लिए लेबर फोर्स और ।ैन्ैम् जैसे सर्वेक्षणों के जरिए डेटा संग्रह भी किया जा रहा है। सोनभद्र जनपद, जिसे श्भारत की ऊर्जा राजधानीश् के रूप में जाना जाता है, इस लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण भागीदार हो सकता है। जिले की खनिज संपदा, विद्युत उत्पादन क्षमता और औद्योगिक इकाइयों की उपस्थिति इसे राज्य के सकल मूल्य वर्धन में एक अहम स्थान देती है। वर्ष 2023-24 में सोनभद्र का सकल जिला घरेलू उत्पाद 40,562 करोड़ रहा, जिसमें 8.9ः की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति एनएसडीपी 1,44,578 रहा, जिसमें 7.9ः की वृद्धि हुई। इन आंकड़ों में सुधार के लिए जरूरी है कि सभी क्षेत्रों में विकास की गति और निवेश की मात्रा को और बढ़ाया जाए। जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि सोनभद्र जैसे संसाधन संपन्न जनपद को प्रदेश के इस लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा, नियमित समीक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी, ताकि सोनभद्र उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के अभियान में एक सशक्त योगदानकर्ता बन सकें।

