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अरमान मटोरिया ने साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है. उनके गांव लालगढ़ जाटान में भव्य स्वागत हुआ. उनकी सफलता ने युवाओं को प्रेरित किया है.
हाइलाइट्स
- अरमान मटोरिया ने साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल में स्वर्ण जीता.
- लालगढ़ जाटान में अरमान का भव्य स्वागत हुआ.
- अरमान की सफलता ने युवाओं को प्रेरित किया.
श्रीगंगानगर. श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान के खिलाड़ी अरमान मटोरिया ने साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है. यह चैंपियनशिप मालदीव में आयोजित हुई थी. अंडर-16 कैटेगरी में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका को हराकर फाइनल में प्रवेश किया. फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत, समाजसेवियों और अधिकारियों ने दी बधाई
अरमान के गांव लौटने पर आयोजित समारोह में एसआई विद्युत नगर थाना अधिकारी सुरजीत श्योराण, एसपीजी कमांडो मदन गोदारा, जिला हैंडबॉल एसोसिएशन अध्यक्ष इकबाल सिंह, समाजसेवी जयदेव गोदारा और सेवानिवृत्त अध्यापक जगदीश दौवण मौजूद रहे. सभी अतिथियों ने अरमान को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. अरमान मटोरिया ने अपने ननिहाल लालगढ़ जाटान में रहकर प्रशिक्षण लिया. वे लगातार अभ्यास करते रहे हैं और उन्होंने अपने खेल में निखार लाने के लिए कड़ी मेहनत की.
नेशनल टूर्नामेंट में भी दिखाया था दम, अमेरिका बेस्ड अकादमी में ली कोचिंग
इससे पहले अरमान ने पांडिचेरी में हुए अंडर-16 नेशनल टूर्नामेंट में बेस्ट थ्री पॉइंट शूटर का खिताब भी जीता था. इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राजस्थान की टीम को सिल्वर मेडल दिलाया था. इसके बाद अरमान एक महीने पहले मुंबई स्थित कोरवस अमेरिकन अकादमी में कोचिंग लेने भी गए थे. वहां उन्होंने अपनी तकनीक और फिटनेस पर खास ध्यान दिया. अरमान ने बताया कि उन्होंने रोजाना सुबह और शाम दो घंटे से अधिक अभ्यास किया. इसके साथ ही रनिंग और अन्य फिटनेस गतिविधियों में खुद को लगातार व्यस्त रखा. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और लगातार मेहनत को दिया है. अरमान मटोरिया की इस सफलता ने न केवल श्रीगंगानगर जिले बल्कि पूरे राज्य के युवाओं को प्रेरणा दी है. उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी अब क्षेत्र के लिए एक उदाहरण बन गई है.


