• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Tuesday, November 3, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

भारत भी बना रहा अपना ‘सूरज’, गुजरात की इस लैब में जुटे वैज्ञानिक, क्या चल रहा?, Gujarat Hindi News

admin by admin
September 15, 2026
in राष्ट्रीय
0 0
0
भारत भी बना रहा अपना ‘सूरज’, गुजरात की इस लैब में जुटे वैज्ञानिक, क्या चल रहा?, Gujarat Hindi News

[ad_1]

भारत भी अपना सूरज बनाने की दिशा में आगे बढ़ चला है। गुजरात की SST-1 टोकामाक लैब में भारतीय वैज्ञानियों ने प्लाज्मा को लंबे समय तक उच्च तापमान पर बनाए रखने की चुनौती सुलझा ली है।

भारत भी अपना सूरज बनाने की दिशा में काम कर रहा है। गुजरात की एक लैब में वैज्ञानिक प्रकृति की सबसे शक्तिशाली प्रक्रिया संलयन यानी फ्यूजन को फिर से साकार करने की कोशिशों में जुटे हैं। यह वह रिएक्शन है जिससे सूरज चमकता है। हाल ही में चीन के बारे में खबर आई थी कि उसने कृत्रिम सूरज के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बना लिया है। अब कृत्रिम सूरज बनाने की दिशा में भारतीय वैज्ञानियों की कोशिश भी रंग लाई है।

सूरज जैसी ऊर्जा पाने की चुनौती

बता दें कि सूरज संलयन यानी फ्यूजन से ऊर्जा पैदा करता है। नाभिकीय संलयन की यह प्रक्रिया कभी रुकती नहीं, सतत चलती रहती है। यदि इंसान इस तकनीक की मदद से कृत्रिम सूरज बनाए तो सबसे बड़ी चुनौती ऊर्जा को सतत बनाए रखने के साथ ही उस पर कंट्रोल हासिल करने और उसे देर तक बनाए रखने की होती है।

भारतीय वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के इंस्टीट्यूट फॉर प्लाज्मा रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इस दिशा में एक बड़ी चुनौती को हल कर लिया है। वैज्ञानिकों SST-1 टोकामाक मशीन में एक शक्तिशाली 82.6 गीगाहर्ट्ज जाइरोट्रॉन नाम के उपकरण को चालू किया है जो हाई फ्रीक्वेंसी माइक्रोवेव ऊर्जा की मदद से प्लाज्मा स्टेट को लंबे समय तक बेहद ऊंचे तापमान पर गर्म बनाए रखता है। यानी भारतीय वैज्ञानिक सूरज की तरह फ्यूजन यानी संलयन से असीमित ऊर्जा बनाने की दिशा में आगे बढ़ चले हैं।

क्या होता है प्लाज्मा स्टेट?

प्लाज्मा एक आवस्था होती है। ठोस, द्रव और गैस के बाद प्लाज्मा पदार्थ की चौथी अवस्था है। यह बेहद उच्च तापमान वाली स्थिति होती है। यह किसी भी पदार्थ अति उच्च तापमान वाली और इलेक्ट्रिकली चार्ज्ड अवस्था मानी जाती है। इस स्थिति में परमाणु यानी एटम अपने इलेक्ट्रान तक खोने लगते हैं।

फ्यूजन से बिजली बनाना बड़ी चुनौती

SST-1 यानी स्टेडी स्टेट सुपरकंडक्टिंग टोकामाक भारत की वह फ्यूजन मशीन है जिसे सूर्य की तरह ऊर्जा देने की प्रक्रिया को साकार करने के लिए डिजाइन किया गया है। बता दें कि फ्यूजन रिएक्टर यानी संलयन रिएक्टर बनाना बेहद मुश्किल है। न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में रेडियोएक्टिव ईंधन जलाने के बजाय फ्यूजन रिएक्टर में अति उच्च तापमान और दबाव के बीच हल्के परमाणुओं के नाभिक यानी न्यूक्लिआई को जोड़कर ऊर्जा पैदा की जाती है।

प्लाज्मा स्टेट को बनाए रखना मुश्किल

इस प्रक्रिया में अति उच्च तापमान के कारण एटम अपना अस्तित्व खोने लगते हैं। इस खतरनाक प्रयोग का केंद्र प्लाज्मा होता है जो पदार्थ की बहुत गर्म और इलेक्ट्रिकली चार्ज्ड अवस्था मानी जाती है। यदि यह रिएक्टर की सतह से टकरा जाए तो काफी नुकसान भी हो सकता है। यही कारण है कि पृथ्वी पर एक बड़ी चुनौती प्लाज्मा को रिएक्टर की दीवारों को छूने से रोकना है। इसके लिए वैज्ञानिकों को जटिल मैग्नेटिक सिस्टम पर निर्भर रहना पड़ता है।

देर तक प्लाज्मा स्टेट बनाए रखना बेहद मुश्किल

ऐसे में रिएक्टर के भीतर प्लाज्मा को देर तक बनाए रखना ही बड़ा चुनौतीपूर्ण काम है। भारतीय वैज्ञानिकों ने डोनट के आकार के टोकामाक मशीन के भीतर शक्तिशाली मैग्नेटिक फील्ड पैदा करने में कामयाबी पाई है। इसकी मदद से ही प्लाज्मा को देर तक बनाए रख पाना संभव हो सकेगा। वहीं जाइरोट्रॉन वह शक्तिशाली मशीन है जो हाई-फ्रीक्वेंसी माइक्रोवेव ऊर्जा को पैदा करती है। इस ऊर्जा को SST-1 में प्लाज्मा तक पहुंचाया जाता है। इससे अति उच्च तापमान बनाने और उसे बनाए रखने में मदद मिलती है। इसकी मदद से वैज्ञानिक गर्म प्लाज्मा को लंबे समय तक बनाए रख पाएंगे।

सूरज से 20 गुना ज्यादा तापमान बना चुके हैं भारत के वैज्ञानिक

बता दें कि भारत के वैज्ञानिक नाभिकीय संलयन के प्रयोगों में पहले ही 200 मिलियन डिग्री सेल्सियस से भी ऊंचे प्लाज्मा तापमान को हासिल कर लिया है। यह सूरज के कोर से लगभग 20 गुना अधिक गर्म है। हालांकि इतने तापमान तक पहुंचना चुनौती का केवल एक हिस्सा है। असल चुनौती अति उच्च तापमान वाले प्लाज्मा को लंबे समय तक स्थिर और सीमित रखना है ताकि नाभिकीय संलयन यानी फ्यूजन से पैदा हुई ऊर्जा को इस्तेमाल के लायक बनाया जा सके।

कृत्रिम ‘सूरज’ बनाना क्यों मुश्किल?

कृत्रिम ‘सूरज’ यानी नाभिकीय संलयन यानी न्यूक्लियर फ्यूजन से बिजली पैदा करना विज्ञान और इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी चुनौती है। फ्यूजन साफ-सुथरी ऊर्जा का एक बड़ा विकल्प हो सकता है। धरती पर इसके लिए ईंधन भी खूब उपलब्ध हैं। इससे कम समय तक रहने वाला रेडियोएक्टिव कचरा पैदा होता है। यही कारण है कि चीन भी इसको साकार करने में लगा हुआ है। नया गाइरोट्रॉन तुरंत SST-1 को फ्यूजन पॉवर प्लांट में नहीं बदल देगा लेकिन इसने भारतीय वैज्ञानिकों के अति उच्च तापमान वाले प्लाज्मा के अध्ययन की दिशा में आगे जरूर बढ़ा दिया है।

[ad_2]

Source link

Views: 2
Previous Post

मंदसौर के गरोठ में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार ट्रक में घुसी, 3 युवकों की मौत, मध्य प्रदेश वीडियो न्यूज

Next Post

सिडनी स्वीनी का बोल्ड स्पोर्ट्स एड देखकर भड़कीं महिला खिलाड़ी, बोलीं- यह एथलीट्स का अपमान है, Sports Hindi News

admin

admin

Next Post
सिडनी स्वीनी का बोल्ड स्पोर्ट्स एड देखकर भड़कीं महिला खिलाड़ी, बोलीं- यह एथलीट्स का अपमान है, Sports Hindi News

सिडनी स्वीनी का बोल्ड स्पोर्ट्स एड देखकर भड़कीं महिला खिलाड़ी, बोलीं- यह एथलीट्स का अपमान है, Sports Hindi News

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • आत्मीयता और अपनत्व के बीच यादगार बना दीपावली मिलन समारोह, शान्तनु शुक्ला ने जताया सभी का आभार।
  • नोएडा में पत्रकारिता जगत का अनूठा दीपावली मिलन, जहां न कोई मेजबान था और न कोई मेहमान।

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • देवरिया
    • धनबाद
    • बिहार
    • बॉलीवुड
    • मथुरा विन्द्रावन
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • लखनऊ
    • वाराणसी
    • विदेश
    • सिंगरौली
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    by Shantosh Mishra
    November 1, 2026
    0

    संवाददाता। विशाल गुप्ता। बिजली, कोयला, इस्पात और बंदरगाहों समेत महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अब सेक्टर आधारित निगरानी के दायरे में...

    Recent News

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    November 1, 2026

    अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।

    November 1, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News