मध्य प्रदेश के आगर मालवा में मीट-मांस बेचने वाले तीन दुकानदारों को प्रतिबंध के बावजूद त्योहार पर मीट बेचना महंगा पड़ गया। नगर पालिका नियम और आदेश का उल्लंघन करने के चलते तीनों दुकानों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया।
मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में गणेश चतुर्थी पर नगर पालिका की टीम द्वारा मीट की दुकानों पर बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। यहां सोमवार को निगम की टीम ने सरकारी आदेश का उल्लंघन करने पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मीट की तीन दुकानों को तोड़ डाला।
आगर मालवा जिले के नगर पालिका ने धार्मिक त्योहारों के दौरान मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए थे। गणेश चतुर्थी के अवसर पर नगर में मीट की 3 दुकानें खुली मिलीं, जो कि खुले आम चिकन बेच रही थीं, निगम को सूचना मिलने के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और निर्देशों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही दुकानों की गुमटियां हटाईं और बुलडोजर चलकर दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
नगर पालिका की ओर से कहा गया कि जारी प्रतिबंध के निर्देशों का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर आगे भी कार्रवाई होती रहेगी। इस कार्रवाई के बाद मांस-मछली का कारोबार करने वाले दूसरे दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया।
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि टीम ने मौके पर दुकानों का निरीक्षण किया। पर्व के दौरान जारी निर्देशों के बावजूद मांस बेच रहे दुकानदारों पर कार्रवाई की गई है। निगम ने निर्देश जारी किए थे कि गणेश चतुर्थी समेत दूसरे धार्मिक त्योहारों को देखते हुए मांस-मछली की दुकानें बंद रखी जाएं, इसके बावजूद भी कुछ दुकानदारों ने निर्देश का पालन नहीं किया। अगर कोई दुकानदार इन निर्देशों को नहीं मानता है और दुकान खोलता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। इन दुकानदारों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे।
रिपोर्ट – विजेंद्र यादव



