Last Updated:
आनंद बख्शी ने हिंदी सिनेमा को ऐसे कई गीत दिए, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं. ‘मेरे नैना सावन भादों’ से लेकर ‘चिट्ठी आई है’ तक उनके शब्दों ने हर दौर के जज्बात को आवाज दी. मगर एक गाने को लेकर उनके मन में ऐसी धारणा बन गई थी, जिसने उन्हें अगली रिकॉर्डिंग के दौरान भी परेशान किया. इसी दौरान एक फिल्म में कुछ ऐसा हुआ, जिसने कहानी बदल दी. गाना सुपरहिट हुआ और धर्मेंद्र-हेमा मालिनी ‘हॉटेस्ट रोमांस ऑफ द ईयर’ कही जाने लगी.
धर्मेंद्र-हेमा मालिनी का ये गाना आज भी काफी पसंद किया जाता है.
नई दिल्ली. आनंद बख्शी का नाम हिंदी सिनेमा के उन गीतकारों में लिया जाता है, जिन्होंने प्यार, जुदाई और जिंदगी के एहसास को बेहद आसान शब्दों में लोगों के दिल तक पहुंचाया. ‘मेरे नैना सावन भादों’, ‘चिट्ठी आई है’ और ‘चांद सी महबूबा हो मेरी’ जैसे गीतों से उन्होंने ऐसी पहचान बनाई, जिसे भुलाना आसान नहीं. लेकिन एक दौर ऐसा भी आया, जब उनके मन में अपने ही गाए एक गाने को लेकर अजीब-सी धारणा बैठ गई थी. उन्हें लगता था कि पिछली फिल्म का उनका गाया गाना अनलकी साबित हुआ. फिर एक फिल्म में उन्होंने ऐसा गाना रिकॉर्ड किया, जो आगे चलकर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी की यादगार पहचान बन गया. इसके पीछे की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है.
बॉलीवुड के पुराने दौर के गाने सिर्फ धुन और बोल के लिए याद नहीं किए जाते, बल्कि कई बार उनके पीछे छिपी कहानियां भी उतनी ही दिलचस्प होती हैं. ऐसा ही एक किस्सा 1976 में आई फिल्म ‘चरस’ के गाने ‘आ जा तेरी याद आई’ से जुड़ा है.
एवरग्रीन गाना ‘आ जा तेरी याद आई’
‘आ जा तेरी याद आई’ गाना फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले का अहम हिस्सा था. इसकी खासियत सिर्फ इसकी खूबसूरत धुन नहीं, बल्कि इसे फिल्म में जिस तरह पिरोया गया था, वह भी थी. ‘चरस’ का लेखन, निर्माण और निर्देशन रामानंद सागर ने किया था. फिल्म के सिनेमेटोग्राफर उनके बेटे प्रेम सागर थे. प्रेम सागर ने बाद में अपने पिता की जिंदगी पर लिखी किताब ‘एन एपिक लाइफ रामानंद सागर, फ्रॉम बरसात टू रामायण’ में फिल्म से जुड़े कई किस्से साझा किए हैं. इसी किताब में ‘आ जा तेरी याद आई’ को लेकर भी एक दिलचस्प बातों का भी उन्होंने जिक्र किया.
1976 में आई इस फिल्म के सारे गाने हिट रहे थे.
गाने को आनंद बख्शी ने मान लिया था अनलकी
‘आ जा तेरी याद आई’ को आनंद बख्शी, लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी. संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था और गीत आनंद बख्शी ने लिखे थे. बताया जाता है कि फिल्म के लिए जब गाने का शुरुआती हिस्सा आनंद बख्शी से रिकॉर्ड करवाया जा रहा था, तब उनके मन में एक पुरानी बात चल रही थी. दरअसल, इससे पहले आनंद बख्शी ने फिल्म ‘मोम की गुड़िया’ में दो गाने गाए थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी. इसके बाद बख्शी के मन में यह धारणा बैठ गई थी कि उनका गाया हुआ गाना अनलकी साबित हुआ है. यही वजह थी कि ‘चरस’ के गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान उन्होंने रामानंद सागर के सामने एक खास गुजारिश रखी.
आनंद बख्शी की बात सुन रामानंद सागर ने निकाला जुगाड़
आनंद बख्शी ने रामानंद सागर से कहा था कि उनके हिस्से के दौरान फिल्म में धार्मिक चीजें दिखाई जाएं, ताकि किसी तरह की निगेटिविटी खत्म हो जाए. यही वजह थी कि जब पर्दे पर गाना ‘आ जा तेरी याद आई’ शुरू होता है और आनंद बख्शी की आवाज आती है तो स्क्रीन पर मदर मैरी और जीसस की तस्वीरें और शॉट्स दिखाई देते हैं. इस एक छोटे से बदलाव ने गाने में एक अलग ही रूहानी और भावुक स्पर्श जोड़ दिया. गाने की शुरुआत का हिस्सा महज एक विजुअल ट्रीटमेंट नहीं था. इसके पीछे सिंगर और गीतकार आनंद बख्शी की अपनी सोच और उस समय उनके मन में बैठी एक धारणा भी जुड़ी हुई थी.
फिल्म के प्रमोशन में छाया धर्मेंद्र-हेमा का रोमांस
‘चरस’ में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी भी खास आकर्षण थी. प्रेम सागर ने अपनी किताब में लिखा है कि फिल्म बनने के दौरान दोनों का रोमांस अपने पीक पर था. फिल्म के प्रमोशन में भी इस जोड़ी की केमिस्ट्री को खूब भुनाया गया था. प्रमोशनल कैंपेन में ‘हॉटेस्ट रोमांस ऑफ द ईयर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. इस तरह ‘चरस’ में एक तरफ धर्मेंद्र-हेमा मालिनी का रोमांस चर्चा में था, तो दूसरी तरफ ‘आ जा तेरी याद आई’ जैसा गाना फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा बनकर उभरा. आज भी इस गाने को याद करने पर इसकी धुन, आवाजें और फिल्म में इसका प्लेसमेंट उस दौर के सिनेमा की खासियत याद दिलाता है.
About the Author
.jpg?impolicy=website&width=52&height=52)
15 साल पहले पत्रकारिता से शुरू हुआ शिखा पाण्डेय का सफर आज भी उसी जुनून के साथ जारी है. दिसंबर 2019 में न्यूज18 हिंदी से जुड़ने के बाद वह चीफ सब एडिटर के रूप मे…
और पढ़ें



