नई दिल्ली. एक दौर था जब टीवी सीरियल सिर्फ कहानी की वजह से याद नहीं रहते थे, उनके टाइटल ट्रैक भी लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन जाते थे. 2000 के दशक में टीवी पर आने वाले कई शोज के गाने घर-घर में सुनाई देते थे. उन्हीं में कुछ आवाजें ऐसी थीं, जिन्हें सुनते ही पूरा दौर आंखों के सामने आ जाता है. टीवी के टाइटल ट्रैक तो ऐसे थे, जो लोगों के जुबान पर रहते थे. ‘तेरे लिए…’, ‘चाहत के सफर…’, ‘रिश्तों के रूप बदलते हैं…’, ‘रिश्तों के पूजा जहां हो…’ ये कुछ ऐसे गाने हैं, जो लोग आज भी गुनगुनाते हैं तो पुराने दौर में लौट जाते हैं. लेकिन क्या आपको 2002 से 2009 में आए वो हिट शो के बारे में जानते हैं, जिसको आवाज सोनू निगम और पामेला जैन की जोड़ी ने दी थी.
यह गाना है ‘जीवन कर लेता है श्रृंगार, सच है ना कुमकुम से’, जो लोकप्रिय टीवी शो ‘कुमकुम-एक प्यारा सा बंधन’ का टाइटल ट्रैक था. इस गाने को सोनू निगम और पामेला जैन ने अपनी आवाज दी थी. शो का यह गीत इतना पहचान वाला बन गया था कि इसकी शुरुआती धुन सुनते ही दर्शकों को पता चल जाता था कि अब उनके पसंदीदा किरदारों की कहानी शुरू होने वाली है. गाने की सबसे खास बात इसकी सादगी और इमोशनल जुड़ाव था, जो शो के नाम और उसकी कहानी के साथ आसानी से जुड़ जाता था.
1449 एपिसोड तक चला शो
‘कुमकुम-एक प्यारा सा बंधन’ टीवी शो स्टार प्लस पर 15 जुलाई 2002 को शुरू हुआ था और 13 मार्च 2009 तक चला. यानी करीब सात साल तक यह शो दर्शकों के बीच बना रहा. इसमें जूही परमार ने कुमकुम और हुसैन कुवाजेरवाला ने सुमीत का किरदार निभाया था. यह शो 1449 एपिसोड तक चला और अपने समय के सबसे लंबे समय तक चलने वाले लोकप्रिय दोपहर के सीरियल्स में शामिल रहा.
क्या है ‘कुमकुम-एक प्यारा सा बंधन’ की कहानी
शो की कहानी कुमकुम के इर्द-गिर्द घूमती थी. कुमकुम की शादी वाधवा परिवार के बेटे जतिन से होती है, लेकिन शादी के तुरंत बाद जतिन की ब्रेन ट्यूमर से मौत हो जाती है. परिवार कुमकुम के भविष्य को लेकर परेशान होता है और उसकी दोबारा शादी का फैसला करता है. इसके बाद उसकी जिंदगी में सुमीत की एंट्री होती है. यहीं से रिश्तों, परिवार, प्यार, जिम्मेदारियों और मुश्किलों से भरी कहानी आगे बढ़ती है.
सोनू निगम और पामेला जैन की सुरीली जुगलबंदी
सोनू निगम उस दौर में हिंदी सिनेमा के सबसे व्यस्त और नंबर-वन प्लेबैक सिंगर थे. इसके बावजूद, उन्होंने छोटे पर्दे के इस टाइटल ट्रैक को जिस शिद्दत और बारीकी से गाया, उसने इसे एक साधारण टीवी सॉन्ग के बजाय एक क्लासिक कल्ट बना दिया. वहीं, पामेला जैन, जिन्होंने कई रीजनल और बॉलीवुड गानों के अलावा 2000 के दशक के कई हिट शो में अपनी आवाज दी, के करियर का यह सबसे यादगार और पहचान दिलाने वाला गाना साबित हुआ. दोनों गायकों ने एक ही धुन और बोलों को अपनी-अपनी शैली में इस तरह ढाला कि दोनों ही वर्जन्स आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं.
जूही परमार-हुसैन कुवाजेरवाला को शो दी नई पहचान
जूही परमार के लिए यह शो करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ. कुमकुम के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. उनके अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ अवॉर्ड्स में भी सराहना मिली और उन्होंने इंडियन टेली अवॉर्ड्स में बेस्ट एक्ट्रेस (क्रिटिक्स) का सम्मान जीता. वहीं, सुमीत के किरदार में हुसैन कुवाजेरवाला भी दर्शकों के पसंदीदा बन गए. शो में दोनों की जोड़ी को खूब पसंद किया गया. हुसैन ने इससे पहले ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ जैसे लोकप्रिय सीरियल में काम किया था, लेकिन ‘कुमकुम’ ने उन्हें बतौर लीड एक्टर अलग पहचान दिलाई. बाद में वह ‘नच बलिए 2’ के विजेता भी बने.
आज भी अमर है यह संगीतमय सफर
आज भले ही टेलीविजन का स्वरूप, तकनीक और संगीत पूरी तरह बदल चुके हों, लेकिन ‘जीवन कर लेता है श्रृंगार’ की धुन जब भी बजती है तो सुनने वाले नॉस्टैल्जिया के आगोश में समा जाते हैं. सोनू निगम और पामेला जैन के सुरमई अहसास और हुसैन-जूही की बेमिसाल केमिस्ट्री ने इस शो को भारतीय टीवी इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर कर दिया.



