प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत यह देखा जा रहा है कि भोजन कहां तैयार किया गया था, स्कूल तक किस तरह पहुंचाया गया और बच्चों को परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच हुई थी या नहीं।
इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में शनिवार को मिड-डे मील खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल में बच्चों को कढ़ी-चावल परोसे गए थे, जिसे खाने के कुछ देर बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर आने और सिरदर्द की शिकायत की, जिसके बाद स्कूल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में 19 बच्चों को भर्ती किया गया, इनमें से चार बच्चों को एहतियात के तौर पर ICU में रखा गया है।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही इस बारे में उनके परिजनों को जानकारी दे दी गई और फिर उन्हें उपचार के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है। यह घटना सांवेर के सिंहाना गांव के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में हुई।
फूड पॉइजनिंग की आशंका, रिपोर्ट से खुलेगा कारण
एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चों की तबीयत खराब होने की वजह मिड-डे मील था या कोई अन्य कारण। भोजन के सैंपल की जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
भोजन कहां बना, कैसे पहुंचा—जांच शुरू
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि भोजन कहां तैयार किया गया था, स्कूल तक किस तरह पहुंचाया गया और बच्चों को परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच हुई थी या नहीं। भोजन के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।
38 बच्चे प्रभावित, 19 अस्पताल में भर्ती
घटना में कुल 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 19 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चार बच्चों को आईसीयू में निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है। डॉक्टर करीब छह घंटे तक बच्चों को ऑब्जर्वेशन में रखकर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
डॉक्टर बोले- बच्चे हैं खतरे से बाहर
अरविंदो अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की हालत स्थिर है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार एक बच्ची को घटना से पहले करीब तीन दिन से बुखार भी था। फिलहाल बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंच गए और वहां परिजनों की भीड़ जुट गई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
जून में भी सामने आया था ऐसा मामला
इंदौर में स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर जून 2026 में भी सवाल उठे थे, जब शिशुकुंज स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के बाद प्रशासन ने स्कूल की रसोई सील कर जांच की थी। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने की बात भी सामने आई थी।

