भोपाल से मर्डर का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बीबीए छात्र ने चार लड़कों के साथ मिलकर एक नाबालिग लड़के को मरवा दिया। दरअसल, हत्या कराने वाले लड़के ने सोशल मीडिया पर एक रील देखी थी, जिसमें दावा किया गया था कि इंसानी अंडकोष की कीमत 6 करोड़ रुपये होती है। जानिए बाद में क्या हुआ।
भोपाल में सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी दावे ने एक BBA छात्र को ऐसी साजिश रचने के लिए उकसाया, जिसका अंत नाबालिग लड़के की हत्या पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक रील देखी, जिसमें इंसान के अंडकोष की कीमत करोड़ों रुपये बताई गई थी। इसी लालच में उसने 4 अन्य लोगों के साथ मिलकर लड़के को निशाना बनाया। हालांकि, हत्या के बाद आरोपियों का 6 करोड़ कमाने का पूरा प्लान तब फेल हो गया, जब उन्हें इस अंग का कोई खरीदार ही नहीं मिला।
Reel देखकर बनाया करोड़ों कमाने का प्लान
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि मामले का कथित मास्टरमाइंड 20 साल का BBA छात्र जोहेब खान है। उसने खुद को मेडिकल छात्र बताया और अपने साथियों को भरोसा दिलाया कि इंसानी अंडकोष को बेचकर करोड़ों रुपये तक मिल सकते हैं। सोशल मीडिया पर चलने वाले इसी तरह के दावों को आरोपी ने सच मान लिया था। इसी के बाद उसने किशोर लड़कों को निशाना बनाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, जोहेब खुद हत्या के वक्त मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि वीडियो कॉल के जरिए साथियों को निर्देश देता रहा।
2 बार की हत्या की कोशिश, लेकिन हुई नाकाम
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने पहली बार एक लड़के को निशाना बनाने की कोशिश की। उसे लड़ाई में मदद करने के बहाने बुलाया गया और इसके बदले 100 रुपये देने का लालच दिया गया, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद दूसरी कोशिश में आरोपियों ने एक अन्य लड़के को फंसाने की कोशिश की। इस दौरान लड़के ने विरोध किया और वहां से भागने में कामयाब रहा। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।
तीसरी कोशिश में नाबालिग लड़के को मार डाला
पुलिस के अनुसार, तीसरी कोशिश 6 अगस्त को की गई। 2 नाबालिग आरोपी 16 साल के स्ट्रीट वेंडर के पास पहुंचे। उसे इकबाल मैदान से यह कहकर अपने साथ ले गए कि पास के खटलापुरा इलाके में एक लड़ाई में मदद करनी है। इसके बाद आरोपी उसे धोबी घाट की ओर ले गए। पुलिस के मुताबिक, वहीं नाबालिग लड़के की हत्या कर दी गई। इसके बाद उसके शरीर को क्षत-विक्षत किया गया। पुलिस ने बताया कि किशोर के शरीर से अंडकोष निकाल लिए गए थे।
झील में मिला शव, टैटू से हुई पहचान
नाबालिग लड़के की सड़ी-गली लाश 10 अगस्त को धोबी घाट के पास लोअर लेक से बरामद की गई। पोस्टमार्टम में उसकी मौत गंभीर चोटों के कारण होने की पुष्टि हुई। शव की पहचान तुरंत नहीं हो सकी थी। पुलिस के मुताबिक, किशोर की मां ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब पांच दिन बाद शरीर पर बने एक टैटू की मदद से उसकी पहचान की गई।
3 दिन तक अंडकोष अपने पास रखे, नहीं मिला खरीदार
हत्या के बाद आरोपियों को उम्मीद थी कि निकाले गए अंडकोष को बेचकर उन्हें करोड़ों रुपये मिल जाएंगे। लेकिन पुलिस के अनुसार, उन्हें कोई खरीदार ही नहीं मिला। आरोपियों को यह भी नहीं पता था कि मानव शरीर से निकाले गए अंगों को सुरक्षित कैसे रखा जाता है या उसे बेचा कैसे जा सकता है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर निकाले गए अंग को करीब 3 दिन तक अपने पास रखा। जब उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला तो उन्होंने उसे भी शव के साथ झील में फेंक दिया था।



