वृंदावन में शनिवार की देर शाम खासा हंगामा हो गया। काफिले की गाड़ी रोके जाने पर भाजपा विधायक भड़क गए और मौके पर मौजूद डीएसपी को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
Video Viral: हरियाली तीज पर व्यवस्था बनाने के लिए वृंदावन में काफिला रोकने पर भाजपा विधायक डीएसपी पर भड़क गए। विधायक और डीएसपी के बीच खासी गरमागर्मी हो गई। आग बबूला हुए विधायक ने डीएसपी की हैसियत बताते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक और डीएसपी के बीच बहसबाजी की सूचना पर अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराने की कोशिश की। बीच सड़क पर हुए इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि हिंदुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
बताया जाता है कि अलीगढ़ के कोल से भाजपा विधायक अनिल पाराशर शनिवार की रात को हरियाली तीज के अवसर पर ठाकुर बांके बिहारी महाराज के दर्शन करने आए थे। प्रोटोकॉल के तहत विधायक के आने की खबर स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके चलते बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों को उनकी कार का नंबर मैसेज कर दिया गया जिससे विधायक की कार शहर के अंदर जा सके। बताया जाता है कि विधायक की गाड़ियों के काफिले में शामिल तीन गाड़ियां सौ शैय्या अस्पताल बैरियर पर पहुंचीं तो यहां पुलिस क्षेत्राधिकारी (डीएसपी) अमित पाठक ने काफिले के आगे चल रही विधायक की गाड़ी अंदर आने दी, लेकिन पीछे की दो गाड़ियां रोक दीं। इसी बात पर विवाद हो गया।
विधायक की गाड़ी की एंट्री का मिला था मैसेज
डीएसपी का कहना था कि जिस गाड़ी की एंट्री का मैसेज मिला, उसे जाने दिया, बाकी दो गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं थी। डीएसपी के इतना कहने पर विधायक आगबबूला हो गए और सरेआम पुलिस अधिकारी को खरी खोटी सुनाना शुरू कर दिया। विधायक ने अधिकारी को उसकी हैसियत बताई और यहां तक कह दिया कि तेरा दिमाग ज्यादा ख़राब हो गया है, जबकि डीएसपी और बीचबचाव करा रहे अन्य पुलिस अधिकारी सर-सर करते रहे। विधायक के साथ आए लोग पुलिस अधिकारियों पर तानाशाह होने का आरोप लगाते रहे। पुलिस और जनप्रतिनिधि के बीच हुए इस विवाद का रविवार को सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो गया। सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि वाहनों के प्रवेश करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में सब सामान्य हो गया।
क्या बोले भाजपा विधायक
अलीगढ़ जिले की कोल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर का कहना है कि वृंदावन जाना हुआ था, एक रिश्तेदार हैं, अटाला चुंगी के पास रहते हैं, उनका हालचाल लेने जाना था। मथुरा से वृंदावन जाने के लिए निकले थे, वह अटाला चुंगी पर बैरियर लगा हुआ था, स्टाफ ने तैनात पुलिसकर्मियों को बताया भी गया था, आधा घंटे बाद भी गाड़ी नहीं निकलने दी गई। जबकि अन्य पुलिस अधिकारियों व अन्य गाड़ियां निकाली गईं। वहां मौजूद सीओ जो तैनात थे, उन्होंने भी संज्ञान नहीं लिया गया, तब जाकर मुझे स्वयं गाड़ी से उतरकर सीओ अमित पाठक के पास जाना पड़ गया। हमारी गाड़ी जानबूझकर, दुर्भावना से रोकी गई। हमने यह कहा कि वर्दी का सम्मान कीजिए। मामले की एक तरफा वीडियो वायरल की जा रही है। इस मामले मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की जाएगी



