कैबिनेट की बैठक में ‘होम स्टे’ योजना पर भी बात हुई और मुख्यमंत्री ने इस योजना को ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अच्छी पहल बताया, साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत एक हजार हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में पहली बार औद्योगिक सुरक्षा बलों का गठन होने जा रहा है। इस बात का फैसला राजधानी भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने विपरीत परिस्थितियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को रानी दुर्गावती पुरस्कार और इनामी राशि देने की घोषणा भी की है। बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने पदोन्नति के बाद पुलिस विभाग में कई पदों पर नई भर्तियों का रास्ता साफ होने की जानकारी भी दी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार पहली बार प्रदेश में तीन नए औद्योगिक सुरक्षा बलों का गठन करने जा रही है, इसके तहत सबसे पहला सुरक्षाबल खंडवा में गठित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाद में वहां नई पुलिस बटालियन बनाई जाएगी, जिससे कई नए रोजगार भी पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर पुलिस विभाग में 58 संवर्गों में 27,534 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति की गई है, जिसके बाद खाली हुए पदों पर नई भर्तियों का रास्ता भी साफ हो गया है। मंत्री ने बताया कि प्रमोशन के कारण भर्तिया अटकी हुई थीं, लेकिन अब भर्तियों का रास्ता हो जाएगा।
उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर कैबिनेट ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को रानी दुर्गावती पुरस्कार और 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि को भी 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने को मंजूरी दे दी है।
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि बैठक में बलराम कृषि महोत्सव पर भी चर्चा हुई, जो कि पूरे प्रदेश में फिलहाल पूरी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है और 15 जुलाई से अब तक 13 आयोजन हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन और सफेद क्रांति (व्हाइट रिवोल्युशन) को बढ़ावा देने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि देश के कुल दूध उत्पादन में प्रदेश का योगदान करीब 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष है, जिसे हम 20 प्रतिशत पर ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि कैबिनेट के बीच मुख्यमंत्री ने बताया कि एयर कनेक्टिविटी के मामले में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि रीवा, दतिया और सतना में एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। इंदौर से आबूधाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू हो चुकी है, और भोपाल से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। इसके अलावा भोपाल और रीवा से कोलकाता सहित अन्य शहरों के लिए अंतरराज्यीय उड़ान सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
कैबिनेट की बैठक में ‘होम स्टे’ योजना पर भी बात हुई और मुख्यमंत्री ने इस योजना को ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अच्छी पहल बताया। साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत एक हजार हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल की बैठक में भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन की तर्ज पर विकसित करने को लेकर भी चर्चा हुई, जिसके अंतर्गत भोपाल-विदिशा मार्ग को 2 लेन से 4 लेन में बदला जाएगा। साथ ही पेवर शोल्डर निर्माण किए जाएंगे।



