दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी की तारीफ करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने लिखा, ‘मैंने वर्षों से उनकी कार्यशैली को करीब से देखा है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।’
मध्य प्रदेश में दतिया सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा ने बड़ा ऐक्शन लेते हुए मंगलवार को जिले की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इस ऐक्शन के बाद सियासी हलकों में चर्चाएं थीं कि अब उपचुनाव के दौरान भितरघात करने वाले बड़े नेताओं पर भी कार्रवाई हो सकती है, इसी बीच बुधवार सुबह इलाके के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी से मिलने उनके भोपाल स्थित घर जा पहुंचे। इस मुलाकात के बाद उन्होंने तिवारी के साथ अपने संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी सी पोस्ट की, जिसमें उन्होंने दोनों के बीच सालों पुराना रिश्ता होने की जानकारी दी और कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा स्थाई रहते हैं।’
तिवारी से मुलाकात के बाद मिश्रा ने कहा कि वे उन्हें 25 सालों से जानते हैं और उनके बीच पारिवारिक रिश्ता रहा है। आशुतोष की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि दतिया में हुई हार के बाद भी उन्होंने किसी का नाम लेकर नाराजगी नहीं जताई, जो सभी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में सम्मान के भाव का प्रकटीकरण है। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं से ऐसा कोई भी काम, टिप्पणी या व्यवहार न करने की नसीहत दी, जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष तिवारी को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे।
आशुतोष तिवारी के साथ हुई मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने इस मेल-मिलाप की एक फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर की और इसके साथ ही उन बातों को झूठा बताया जो उनके और आशुतोष तिवारी को लेकर मीडिया में चल रही हैं। उन्होंने लिखा, ‘दतिया उपचुनाव के बाद सोशल मीडिया पर मेरे और भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष जी तिवारी को लेकर जो भ्रामक और असत्य बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।’
इसके बाद भाजपा प्रत्याशी रहे तिवारी को अपना अनुज बताते हुए मिश्रा ने कहा कि हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी और न आज है। उन्होंने लिखा, ‘आशुतोष तिवारी जी मेरे अनुज हैं। उनके प्रति मेरे मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है, और आगे भी रहेगी। हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी, न आज है। आज भी हमारी मुलाकात हमेशा की तरह उसी गर्मजोशी और अपनत्व के साथ हुई।’
आगे तिवारी की तारीफ करते हुए मिश्रा ने लिखा, ‘आशुतोष जी भारतीय जनता पार्टी के एक कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं। साल 2003 में जब मैंने डबरा से चुनाव लड़ा था, तब से मैंने उन्हें एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में ही देखा है। मैंने वर्षों से उनकी कार्यशैली को करीब से देखा है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। आशुतोष जी ने भी परिणाम के पश्चात किसी का नाम लेकर नाराजगी नहीं जताई यह भी सभी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में सम्मान के भाव का प्रकटीकरण है।’
उन्होंने बताया, ‘आशुतोष तिवारी जी और मेरे बीच 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता है। वह सदैव मेरे अनुज है, उनके लिए मैं अभिभावक.. हमारा और उनका यह रिश्ता सदैव ऐसे ही बना रहेगा। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा स्थायी रहते हैं।’
पूर्व मंत्री ने आगे अपने समर्थकों को नसीहत देते हुए कहा कि ‘मैं अपने सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे ऐसा कोई कार्य, टिप्पणी या व्यवहार न करें जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष जी को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे। हमारी ताकत हमारी एकजुटता, अनुशासन और संस्कार हैं।



