MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर समेत 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार (5 अगस्त) सुबह तक के लिए भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन समेत 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और सागर संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, दमोह और सागर जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।
इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं बारिश और बिजली चमकने की संभावना है।
बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में इंदौर और चंबल संभाग के कई इलाकों में बारिश हुई। भोपाल, ग्वालियर और रीवा संभाग के कुछ स्थानों पर भी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश डबरा (75.1 मिमी) और रतलाम (65 मिमी) में रिकॉर्ड की गई।
इस दौरान भिंड में 35 किमी/घंटा, जबलपुर में 36 किमी/घंटा, उज्जैन और नीमच में 33 किमी/घंटा तथा सागर और आगर में 31 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
सबसे गर्म और सबसे ठंडे शहर
प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस खरगौन में रिकॉर्ड हुआ। सबसे कम अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया।
क्यों सक्रिय हुआ मानसून?
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ इस समय अनूपगढ़, दिल्ली, शाहजहांपुर, बस्ती और छपरा होते हुए पूर्वोत्तर भारत की ओर गुजर रही है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा, उत्तर-पूर्व राजस्थान, दक्षिण उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम बिहार और सौराष्ट्र के आसपास अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।

