झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, साहिबगंज से धनबाद जेल शिफ्टिंग के दौरान उसने जवान का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
मृत्युंजय मिश्रा, झारखंड
Gangster Sujeet Sinha Encounter: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। यह मुठभेड़ जामताड़ा थाना क्षेत्र में गोविंदपुर-साहिबगंज स्टेट हाईवे पर केनबोना और सुपायडीह के बीच हुई। पुलिस के मुताबिक, सुजीत सिन्हा को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान उसने पुलिस जवान का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
जेल शिफ्टिंग के दौरान क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार, सुजीत सिन्हा को कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। पुलिस टीम का नेतृत्व एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल और एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी कर रहे थे। रास्ते में जामताड़ा के सुपायडीह बाइपास के पास एस्कॉर्ट वाहन का टायर पंचर हो गया। इसके बाद पुलिस उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कर रही थी।
इसी दौरान, पुलिस के अनुसार, सुजीत सिन्हा ने मौके का फायदा उठाते हुए एक जवान का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में एस्कॉर्ट टीम ने उसे घेर लिया और मुठभेड़ में वह मारा गया।
एसपी ने की पुष्टि
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल की जांच की जा रही है। मामले में एफआईआर दर्ज करने और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस के लिए था बड़ी चुनौती
सुजीत सिन्हा लंबे समय से झारखंड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उस पर कई संगीन आपराधिक मामलों के आरोप थे। हाल के वर्षों में उसका नाम प्रिंस खान गैंग के साथ भी जुड़ता रहा। पुलिस के अनुसार, वह कारोबारियों की जानकारी गैंग तक पहुंचाता था, जिसके बाद रंगदारी और धमकी देने की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
जांच एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, वह कई युवाओं को अपराध की दुनिया में लाने और गैंग से जोड़ने के आरोपों के कारण भी चर्चा में रहा। पुलिस का कहना है कि वह पहले कुख्यात अपराधी अमन साव के साथ मिलकर भी सक्रिय रहा और वर्षों तक कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना रहा।



