Who was Gangster Sujeet Sinha: झारखंड में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा कभी अमन सिंह का करीबी रहा और बाद में उसका नाम प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़ा। जानिए कैसे उसने कारोबारियों में रंगदारी का खौफ फैलाया और आखिर कैसे एनकाउंटर में मारा गया।
अजीत सिंह, धनबाद
Who was Gangster Sujeet Sinha: कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को झारखंड पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। राज्य में उसकी दहशत से व्यापारी वर्ग खासा परेशान था, क्योंकि उसने रंगदारी का आतंक मचा रखा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह कभी यूपी के गैंगस्टर अमन सिंह के साथ जुड़ा रहा, जबकि हाल के सालों में उसका नाम पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से भी जुड़ता रहा। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रिंस खान के साथ मिलकर वह कारोबारियों से रंगदारी वसूलने और पूरे झारखंड में अपराध का नेटवर्क मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा था।
गैंगस्टर सुजीत से कांपते थे कारोबारी
सुजीत सिन्हा के खिलाफ धनबाद के बैंक मोड़ और सरायढेला थाना में रंगदारी और धमकी से जुड़े मामले दर्ज हैं। साल 2020-21 के दौरान उसने अपने सहयोगी मयंक सिंह के जरिए धनबाद के कई कारोबारियों को धमकी दिलवाई थी। बैंक मोड़ स्थित उर्मिला टावर के कंप्यूटर कारोबारियों के अलावा सरायढेला के कुसुम विहार में एक आउटसोर्सिंग कंपनी के महाप्रबंधक (जीएम) से भी 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर संग बनाया नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में प्रिंस खान ने रंगदारी वसूली के लिए सुजीत सिन्हा गिरोह के साथ हाथ मिला लिया था। चाईबासा, जमशेदपुर और चक्रधरपुर के करीब एक दर्जन युवक, जो पहले सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े थे, बाद में प्रिंस खान के लिए काम करने लगे। पुलिस का मानना है कि कारोबारियों की जानकारी जुटाने और स्थानीय नेटवर्क खड़ा करने में सुजीत की अहम भूमिका थी।
अमन सिंह से लेकर कई अपराधियों से रहा संबंध
सुजीत सिन्हा का नाम पहले यूपी के गैंगस्टर अमन सिंह के साथ भी जुड़ चुका था। अपराध की दुनिया में उसका प्रभाव इतना था कि कई युवा उसके गिरोह में शामिल हुए। धनबाद का कुख्यात रंगदार सूरज सिंह भी शुरुआती दौर में सुजीत सिन्हा के गिरोह से जुड़ा था। बाद में उसने अपना अलग रंगदारी नेटवर्क खड़ा कर लिया। इसके अलावा धनबाद का राजेश वधावन भी पहले सुजीत गिरोह और बाद में अमन सिंह तथा प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़ गया।
धनबाद जेल में भी रह चुका था
सुजीत सिन्हा को 2 जून 2021 को जमशेदपुर की घाघीडीह जेल से धनबाद जेल लाया गया था। कुछ महीनों बाद उसे गुमला जेल भेज दिया गया। बाद में उसे मेदिनीनगर सेंट्रल जेल से साहिबगंज मंडल कारा स्थानांतरित किया गया, जहां से रविवार को धनबाद जेल ले जाया जा रहा था।
ऐसे हुआ गैंगस्टर सुजीत का एनकाउंटर
पुलिस के अनुसार, रविवार रात साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल शिफ्टिंग के दौरान जामताड़ा के सुपायडीह बाइपास के पास एस्कॉर्ट वाहन पंचर हो गया। जब पुलिस उसे दूसरी गाड़ी में बैठा रही थी, तभी उसने कथित तौर पर एक जवान का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।
जामताड़ा के एसपी शंभु कुमार सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।



