सीतापुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक वोट देने को लेकर माता-पिता से झगड़ा किया और गुस्सा होकर टॉवर पर चढ़ गया। इसके बाद तीन घंटे तक पुलिस को छकाया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
Sitapur News: यूपी पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान होना भले ही अभी बाकी हो, लेकिन गांव में प्रधानी के चुनाव को लेकर सुगबुगहाट शुरू हो गई है। कहीं-कहीं तो वोट देने को लेकर अपने लोगों के बीच ही झगड़े शुरू हो गए हैं। सीतापुर जिले से कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। पिसावां तहसील के गांव चौखड़िया में एक युवक का प्रधानी के चुनाव में वोट देने को लेकर मात-पिता से झगड़ा हो गया। इसके बाद वह गुस्सा होकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया और जमकर हंगामा किया। युवक टॉवर से नीचे कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। करीब तीन घण्टे तक युवक ने पुलिसकर्मियों को छकाया, तब जाकर वह नीचे उतरा। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
चौखड़ियां निवासी अनुज का प्रधानी चुनाव में किसे वोट देने है इस बात को लेकर अपने माता-पिता से झगड़ा हो रहा था। अनुज नशे का आदी है। शुक्रवार रात में अनुज का अपने पिता हरद्वारीलाल से फिर झगड़ा हो गया। इसके बाद वह घर से कहीं चला गया। शनिवार सुबह करीब छह बजे आसपास के लोगों ने अनुज को मोबाइल टॉवर पर चढ़ा देखा तो हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर परिवार वाले भी आ गए । परिवार वालों के कहने के बाद भी वह टॉवर से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। कुछ ही देर में पुलिस कर्मी भी आ गए। पुलिस कर्मियों के नीचे आने की बात कहने पर वह कूद कर जान देने की धमकी देने लगा। पुलिस कर्मियों द्वारा करीब तीन घण्टे समझाने- बुझाने के बाद अनुज टॉवर से नीचे उतरा। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। थाना प्रभारी पिसावां के मुताबिक अनुज का शांति भंग में चालान किया गया है।
मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस ने उतारा
वहीं दूसरी ओर लखनऊ में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। आगरा की रहने वाली तुलसा देवी शुक्रवार को हजरतगंज पार्क रोड पहुंची और मोबाइल टावर पर चढ़ गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर हजरतगंज पुलिस और दमकल कर्मी पहुंचे। पुलिस ने तुलसा को समझा-बुझाकर किसी तरह नीचे उतारा। पुलिस की पूछताछ में तुलसा ने बताया कि वह 26 जुलाई को 12 वर्षीय बेटे के साथ आगरा कैंट स्टेशन पर बैठी थी। इस बीच बेटे को पानी लेने लिए भेजा। रेलवे पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बैग चोरी का आरोप लगाकर धमकाया, पीटा। लिफ्ट के चक्कर लगाने को कहा।
पुलिस ने बेटे को चोरी के आरोप में फंसाने की दी थी धमकी
जानकारी होने पर विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने बेटे को चोरी के आरोप में फंसाने की धमकी दी, जबकि बेटे की तलाशी में बैग आदि कोई वस्तु बरामद भी नहीं हुई थी। बेटे को बंधक बनाकर पीटा। मूत्र पिलाने की कोशिश की। उसे दो हजार रुपये और मोबाइल छीन लिया। पुलिस कर्मियों के खिलाफ रेलवे और पुलिस-प्रशासन में शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी पुलिसकर्मी लगातार धमकी दे रहे थे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों से मिलने आई थी। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा के मुताबिक मामला आगरा का है। आगरा पुलिस और रेलवे प्रशासन को सूचना दे दी गई है। तुलसा के घरवालों को बुलाकर उसे सुपुर्द कर दिया गया है।



