प्रयागराज पुलिस ने नकली नोटों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये प्रयागराज, वाराणसी समेत कई जिलों में नकली नोटों को खपाते थे। वहीं, गिरोह का सरगना जिला पंचायती का चुनाव भी लड़ चुका है।
UP News: यूपी के प्रयागराज में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गंगानगर जोन की पुलिस ने सोमवार की देर रात नकली नोटों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 118300 रुपये के नकली नोट, एक कार, एक बाइक और नोट छापने का पूरा सेटअप बरामद किया है। गिरोह प्रयागराज, वाराणसी समेत कई जिलों में नकली नोटों को बाजार में खपाता था। गिरोह के सरगना समेत कई आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक सरगना जिला पंचायती का चुनाव भी लड़ चुका है।
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए बताया कि सरायइनायत थाना, एसओजी व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने सोमवार रात करीब दस बजे मुखबिर की सूचना पर हबूसा मोड़ से सहसों मार्ग पर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर भदोही जिले के दुर्गागंज के राहुल यादव व सुरियांवा के विवेक कुमार यादव और देवरिया के गौरीबाजार के नरेंद्र यादव उर्फ विराट व रुद्रपुर के धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। उनके पास से 500 रुपये के 200 और 100 रुपये के 183 नकली नोट, एक कार व बाइक मिली। पूछताछ के आधार पर देवरिया जिले की पुलिस की मदद से छापेमारी कर लैपटॉप, दो प्रिंटर, उच्च गुणवत्ता वाले पेपर, पांच मोबाइल फोन व अन्य उपकरण भी बरामद किया गया।
पूछताछ में देवरिया में कमरे में नकली नोट छापने का काम किए जाने का खुलासा हुआ। सरगना विवेक यादव और एक अन्य आरोपी का नाम सामने आया है। पुलिस इनकी तलाश में लगी हैं। डीसीपी ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है सरगना
पुलिस के अनुसार, देवरिया के गौरी खुर्द थाना गौरी बाजार निवासी विवेक यादव गिरोह चलाता था। वह पूर्व में देवरिया के वार्ड नंबर 18 से निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुका है। जबकि, आगामी विधानसभा चुनाव में भी टिकट पाने की जुगाड़ में लगा है। देवरिया स्थित कमरे में विवेक यादव व धर्मेंद्र कुमार नकली नोट छापने का काम करते थे। जबकि, राहुल यादव, विवेक कुमार यादव समेत अन्य गिरोह के सदस्य डिमांड के अनुरूप 40 से 50 फीसदी कमीशन पर नकली नोट सप्लाई व खपाने का काम करते थे। धर्मेंद्र वर्ष 2019 में भी देवरिया जिले के थाना रामपुर कारखाना से नकली नोट मामले में जेल जा चुका है।



