मथुरा में 2014 में रंजिश के चलते घर में घुसकर महिला लक्ष्मी देवी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने पांच सगे भाइयों समेत छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 3.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें आधी राशि पीड़ित परिवार को मिलेगी।

मथुरा के कृष्णानगर क्षेत्र के मोहल्ला लक्षमी नगर में रंजिश के चलते घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या करने वाले पांच सगे भाइयों समेत छह को एडीजे-6 अनुराग शर्मा ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर कोर्ट ने 3.70 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता के परिवार को देने के आदेश दिये हैं। पांच जून 2014 को कोतवाली क्षेत्र के कृष्णानगर चौकी क्षेत्र स्थित मोहल्ला लक्ष्मी नगर निवासी विजयपाल सिंह ने दर्ज करायी रिपोर्ट में बताया कि पड़ोस में रहने वाला रामगोपाल उनसे रंजिश मानता था। इसी के चलते सुबह 9:15 बजे उसका भाई अर्जुन, अर्जुन के पुत्र लोकेश, विकास और चंद्रशेखर उर्फ चंदू घर में घुस आए और गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर विकास ने उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी पर गोली चला दी। चंदू उर्फ चंद्रशेखर ने उनके बेटे देवेंद्र पर फायर किया। देवेंद्र तो फायरिंग में बच गया लेकिन उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गोली लगने से लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गईं और उनकी मौत हो गई।
महिला हत्याकांड में 5 सगे भाइयों समेत 6 को उम्रकैद
विवेचना में कोसीकलां के गांव हताना निवासी राजू उर्फ राजेंद्र का नाम भी प्रकाश में आया। पुलिस ने 23 नवंबर 2014 को राजू उर्फ राजेंद्र को गिरफ्तार कर उसकी निशांदेही पर तमंचा बरामद किया। विवेचक ने रिपोर्ट में नामजद लोकेश, विकास, चंदू और अर्जुन के नाम विवेचना में निकाल दिए। रामगोपाल और अर्जुन के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मामले की सुनवाई एडीजे-6 कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज अन्य आरोपियों को भी तलब किया। कोर्ट द्वारा तलब करने पर पुलिस ने पुन: विवेचना की और अर्जुन, लोकेश, विकास, चंदू के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया। बुधवार को एडीजीसी केके पाठक की दलील, गवाह समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साले की हत्या में जीजा को उम्रकैद
वहीं एक दूसरे मामले में मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के गांव झरौठा में पत्थर से सिर कुचलकर साले की हत्या करने वाले जीजा को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। रौठा निवासी उदयवीर ने बलदेव थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 8 मई 2021 की रात करीब आठ बजे आगरा के बोदला निवासी दामाद विष्णु उनके घर आया। विष्णु ने अपनी पत्नी प्रीति को साथ ले जाने को कहा। रात होने के कारण उन्होंने बेटी को भेजने से इंकार करते हुए सुबह ले जाने को कहा। इस पर विष्णु नाराज हो गया। देर रात वह अपने पांच वर्षीय साले भिकारी को जंगल ले गया। काफी देर बाद विष्ण तो लौट आया, लेकिन उनका बेटा लौटकर नहीं आया।
सिर कुचलकर साले की हत्या
शक होने पर कड़ाई से पूछताछ की तो विष्णु ने बताया कि भिकारी का सिर कुचलकर उसने हत्या कर दी है। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। शुक्रवार को डीजीसी शिवराम तरकर की दलील, गवाह, साक्ष्य के आधार पर विष्णु को हत्या को दोषी करार दिया गया। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने हत्या में विष्णु को आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।




