सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में 4 साल के मासूम बच्चे की एक्सीडेंट में मौत होने के बाद परिजन ने शव को आरोपी के घर के बाहर रख दिया। परिजन तीन दिन से मुआवजे में एक बीघा जमीन की मांग कर रहे हैं। आरोपी के परिवार के सदस्य डर के मारे घर छोड़कर भाग गए।
मनोज रोशन, त्रिवेणीगंज। बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में एक 4 साल के मासूम बच्चे की सड़क हादसे में मौत के बाद बीते 3 दिनों से तनाव की स्थिति है। त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड एक स्थित कुपड़िया गांव में घटना से आक्रोशित परिजन ने मासूम के शव को कथित आरोपी के घर में रखकर धरना शुरू कर दिया है। परिजन की शर्त है कि जब तक आरोपी पक्ष एक बीघा जमीन मुआवजे के तौर पर नहीं देगा, तब तक ना तो शव का पोस्टमार्टम होने दिया जाएगा और ना ही पुलिस को कोई कानूनी प्रक्रिया पूरी करने दी जाएगी। इधर, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन आरोपी के घर पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मृत मासूम की पहचान वार्ड एक निवासी चंदन यादव के बेटे दुर्लभ कुमार (4 साल) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार बीते बुधवार की दोपहर दुर्लभ अपने घर के सामने सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान भेंगा धार की ओर से गांव के ही अरुण यादव के पुत्र छोटू कुमार ने तेज रफ्तार बाइक से मासूम को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर में बालक दुर्लभ गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सुपौल और फिर सुपौल से दरभंगा रेफर कर दिया गया। हालांकि दरभंगा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। आक्रोशित परिजन बुधवार रात ही शव को लेकर आरोपी के घर पहुंचे और शव को वहीं रख दिया।
मुआवजे की मांग पर अड़े हैं परिजन
परिजन का कहना है कि दुर्लभ अपने माता-पिता का इकलौता वारिस था। करीब एक माह पूर्व ही दुर्लभ की मां उषा देवी का यूट्रस का बड़ा ऑपरेशन हुआ है, जिससे अब वह कभी दोबारा मां नहीं बन सकती हैं। परिजन का कहना है कि आरोपी पक्ष जब तक एक बीघा जमीन का मुआवजा नहीं देता, तब तक शव को आरोपी के घर पर से नही हटाएंगे।
दहशत में आरोपी का परिवार, घर छोड़कर फरार
घटना के बाद से कथित आरोपी का पूरा परिवार डर से घर छोड़कर फरार हो गया है। घर पर केवल बुजुर्ग दादा परमेश्वरी यादव मौजूद हैं। परमेश्वरी यादव ने बताया कि उन्होंने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी है। दुर्घटना के बाद बच्चे की मौत की खबर आई और फिर बच्चे के परिजन जबरन शव हमारे घर में रख गए हैं। डर के कारण परिवार के सभी लोग भाग गए हैं और मैं अकेला बचा हूं। पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की थी, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हैं।
पिता के आने का हो रहा इंतजार
मृत बच्चे दुर्लभ के पिता चंदन यादव दिल्ली में मजदूरी करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वह गांव के लिए रवाना हो चुके हैं और उनके शुक्रवार रात तक पहुंचने की संभावना है। पुलिस प्रशासन लगातार परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अडिग हैं।
त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। मृतक के पिता बाहर से आ रहे हैं। उनके घर पहुंचते ही बात करके मामला शांत कराया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



