
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
समय पर खदान संचालन न कराने और प्रस्ताव न भेजने पर शासन सख्त, राजस्व व पारदर्शिता से समझौता नहीं।
लखनऊ/सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने सोनभद्र जनपद में तैनात रहे 7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खदानों के संचालन में लापरवाही, समयबद्धता की अनदेखी और राजस्व हितों की उपेक्षा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें महबूब (तत्कालीन खान अधिकारी, वर्तमान में ज्येष्ठ खान अधिकारी), जे.पी. द्विवेदी (तत्कालीन ज्येष्ठ खान अधिकारी, वर्तमान में सेवानिवृत्त), कमलेश कुमार राय (तत्कालीन खान अधिकारी, वर्तमान में ज्येष्ठ खान अधिकारी), आशीष कुमार (तत्कालीन ज्येष्ठ खान अधिकारी), चंद्र प्रकाश तिवारी (तत्कालीन खनिज मोहर्रिर), कमला शंकर उपाध्याय (तत्कालीन खनिज मोहर्रिर) तथा सुनील कुमार (तत्कालीन खनिज मोहर्रिर/लिपिक) शामिल हैं। प्रकरण वर्ष 2017 में आवंटित चूना पत्थर की एक खदान से जुड़ा है, जिसे वर्ष 2019 तक संचालित किया जाना निर्धारित था। लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे खदान का संचालन निर्धारित अवधि में शुरू नहीं हो सका। इतना ही नहीं, खदान संचालन की समयसीमा बढ़ाने के लिए भी कोई प्रस्ताव शासन को समय पर नहीं भेजा गया। इस लापरवाही के चलते न केवल खनन कार्य प्रभावित हुआ, बल्कि राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की संभावना बनी। इस संबंध में मिर्जापुर मंडलायुक्त की आख्या और संस्तुति के आधार पर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। माला श्रीवास्तव आई ए एस निदेशक सचिव ने कार्यवाही करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी राजस्व हितों की रक्षा और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। खनन जैसे महत्वपूर्ण विभाग में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

