Last Updated:
Banda Kalinjar Kila : बांदा का कालिंजर किला सदियों पुराना अभेद्य दुर्ग है, जिसे चंदेल शासकों ने बनवाया. 9वीं से 15वीं शताब्दी तक यह सत्ता और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां भगवान शिव का विशाल शिवलिंग आकर्षण का बड़ा केंद्र है. किले के भीतर नीलकंठ मंदिर, प्राचीन जलकुंड और रहस्यमयी संरचनाएं बरबस ध्यान खींचती हैं. इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए पर्यटन विभाग ने तगड़ा प्लान बनाया है.
बांदा. बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल कालिंजर किला अब एक नए और भव्य रूप में नजर आने वाला है. बांदा जिले में विंध्य पर्वत पर स्थित यह प्राचीन किला अपनी गौरवशाली विरासत, धार्मिक महत्त्व और अद्भुत वास्तुकला के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है. अब पर्यटन विभाग इस किले की सुंदरता को और निखारने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से फसाड लाइटिंग और अन्य सुविधाओं का विकास करने जा रहा है. बांदा का कालिंजर किला सदियों पुराना अभेद्य दुर्ग है, जिसे चंदेल शासकों ने बनवाया. 9वीं से 15वीं शताब्दी तक यह सत्ता और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है.
होगा क्या-क्या
किले के भीतर स्थित नीलकंठ मंदिर, प्राचीन जलकुंड और रहस्यमयी संरचनाएं आज भी इतिहास की कहानियां बयां करती हैं. यहां भगवान शिव का विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र है, जहां हर साल बड़ी संख्या में भक्त और पर्यटक पहुंचते हैं. अब इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए फसाड लाइटिंग की योजना तैयार की गई है. इसके तहत किले की बाहरी दीवारों और प्रमुख संरचनाओं पर रंग-बिरंगी लाइटें लगाई जाएंगी, जो रात के समय इसकी भव्यता को और भी ज्यादा आकर्षक बनाएंगी. ये किले की वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप को उभारने का काम करेगी, ताकि पर्यटक रात में भी इसकी खूबसूरती का आनंद ले सकें.
क्या बोला पर्यटन विभाग
पर्यटन अधिकारी आरके रावत लोकल 18 से बताते हैं कि यह परियोजना बुंदेलखंड पर्यटन के तहत एक महत्त्वपूर्ण कदम है. किले तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी विशेष भक्ति थीम आधारित स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे पर्यटकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा. ड्रिंकिंग वॉटर, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. कालिंजर किला खजुराहो जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित है, जिसके चलते यहां पहले से ही पर्यटकों की अच्छी-खासी आवाजाही रहती है. ऐसे में इस सौंदर्यीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
About the Author
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



