• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Friday, November 6, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

Saina Nehwal PR Sreejesh: ‘और खेलना चाहती थी लेकिन…’, संन्यास पर खुलकर बोलीं साइना नेहवाल, क्या बोले पीआर श्रीजेश?

admin by admin
February 27, 2026
in खेल
0 0
0
Saina Nehwal PR Sreejesh: ‘और खेलना चाहती थी लेकिन…’, संन्यास पर खुलकर बोलीं साइना नेहवाल, क्या बोले पीआर श्रीजेश?

[ad_1]

नई दिल्ली. राइजिंग भारत समिट 2026 के मंच पर भारतीय दिग्गज बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल और दिग्गज हॉकी स्टार पीआर श्रीजेश ने अपने करियर और उपलब्धियों के बारे में खुलकर बात की. ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व नंबर 1 साइना ने बताया कि लगातार चोटों की वजह से उन्हें करियर खत्म करने का फैसला लेना पड़ा, जबकि वे कुछ समय और खेलना चाहती थीं. उन्होंने कहा, ‘जब आप 24 साल तक खेलते हैं तो खेल को अलविदा कहना आसान नहीं होता. मैं 20 साल की उम्र में वर्ल्ड नंबर 2 और 25 साल में वर्ल्ड नंबर 1 बनी. 12 साल तक टॉप-12 में रही और करीब 500 मैच खेले. लेकिन आखिर में डॉक्टरों ने कहा कि मुझे गठिया (आर्थराइटिस) है और घुटने की कार्टिलेज खराब हो गई है. सर्जरी के बाद भी सुधार की गारंटी नहीं है. शुरुआत के कुछ महीने बहुत मुश्किल होते हैं, आप गुस्से और दुख में रहते हैं.’

संन्यास पर क्या बोलीं साइना?
साइना ने टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी घुटने की चोट के बावजूद वापसी की कोशिश की, लेकिन आखिर में संन्यास लेना पड़ा. उन्होंने बताया कि एक खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. साइना ने कहा, ‘खेल में कई बार बुरे पल आते हैं और कुछ ही अच्छे पल होते हैं. लेकिन आप मजबूत बनते हैं और मुश्किल हालात से जल्दी बाहर निकलना सीखते हैं. इसी वजह से रिटायरमेंट को स्वीकार करना थोड़ा आसान हो गया.’

राइजिंग भारत समिट में साइना नेहवाल और पीआर श्रीजेश.

साइना ने रियो ओलंपिक का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनके करियर का सबसे दुखद पल था. उन्होंने कहा, ‘मैं वर्ल्ड नंबर 1 थी और पदक की प्रबल दावेदार थी. लेकिन उड़ान से पहले मेरे घुटने में दर्द शुरू हुआ. लगा कि ठीक हो जाएगा, लेकिन दर्द बढ़ता गया. मैं लंगड़ाकर चल रही थी. एमआरआई में पता चला कि घुटने में एक अतिरिक्त हड्डी थी जो टूट गई थी. मुझे बहुत दुख हुआ, लेकिन बाद में सर्जरी करानी पड़ी.’

उन्होंने कहा कि चोट के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत से रिहैब किया और मलेशियन ओपन जीता, लेकिन ओलंपिक का वह दर्द आज भी याद आता है. साइना ने कहा कि एक खिलाड़ी के लिए खुद को प्रेरित रखना बहुत जरूरी है. साइना ने कहा, ‘हर खिलाड़ी का सपना सिर्फ ओलंपिक ही नहीं, हर टूर्नामेंट में मेडल जीतना होता है. चीन जैसी मजबूत टीम को हराने की चाहत अलग ही एहसास देती है.’

माता-पिता को दिया धन्यवाद
उन्होंने अपने माता-पिता का भी धन्यवाद किया. साइना ने कहा, ‘हर खिलाड़ी चाहता है कि वह देश और अपने माता-पिता का नाम रोशन करे. जब मेरा कोई रोल मॉडल नहीं था, तो मेरी मां ने कहा कि हम साइना को चैंपियन बनाएंगे. उन्होंने सपना देखा और मैंने उसे पूरा किया.’ टीम और व्यक्तिगत खेल के फर्क पर उन्होंने कहा, ‘टीम खेल में थोड़ा सहारा मिल जाता है, लेकिन व्यक्तिगत खेल में सब कुछ खुद करना पड़ता है. गलतियां भी आपकी होती हैं और दबाव भी पूरा आपका होता है.’

युवाओं को दी सलाह
उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे मानसिक तैयारी पर खास ध्यान दें. साइना ने कहा, ‘बहुत लोग मेहनत करते हैं, लेकिन चैंपियन बनने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है.’ जब उनसे पूछा गया कि वर्ल्ड नंबर 1 बनना ज्यादा मुश्किल है या ओलंपिक पदक जीतना, तो उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक मेडल हर खिलाड़ी का सपना होता है. लेकिन वर्ल्ड नंबर 1 बनना लगातार अच्छा प्रदर्शन दिखाने का प्रमाण है. इसलिए वह ज्यादा कठिन है, लेकिन ओलंपिक मेडल सबसे बड़ा सपना होता है.’

क्या बोले पीआर श्रीजेश?
भारतीय हॉकी के महान गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने अपने शानदार करियर और संघर्ष के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि खेल में ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कितनी मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है. श्रीजेश ने कहा कि भारत को फिर से हॉकी में गौरव हासिल करने में करीब 40 साल लग गए. उन्होंने कहा, ‘2021 (टोक्यो) और 2024 (पेरिस) ओलंपिक में मेडल जीतना बहुत खास था.’

राइजिंग भारत समिट में पीआर श्रीजेश.

उन्होंने बताया कि उनका करियर 24-25 साल लंबा रहा. श्रीजेश ने कहा, ‘कई खिलाड़ी अच्छे तरीके से रिटायर नहीं हो पाते, वे धीरे-धीरे गायब हो जाते हैं. मैं ऐसा नहीं चाहता था. मैं ऊंचाई पर रहते हुए संन्यास लेना चाहता था.’ टोक्यो ओलंपिक के बाद उनके मन में रिटायरमेंट का ख्याल आने लगा था, लेकिन फिर एशियन गेम्स और पेरिस ओलंपिक सामने थे. उन्होंने कहा, ‘मैं हर साल सोचता था कि अब रिटायर हो जाऊं. पहले सोचा कॉमनवेल्थ खेलकर छोड़ दूं, फिर एशियन गेम्स आ गए. उसके बाद पेरिस ओलंपिक भी आ गया. एक खिलाड़ी के अंदर हमेशा और खेलने की चाहत रहती है.’

उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट का फैसला लेना आसान नहीं था. इस फैसले के बारे में बताते हुए श्रीजेश ने कहा, ‘मैं ज्यादा सोचने लगा था और इसका असर मेरे खेल पर पड़ने लगा. तब मैंने अपने कोच से कहा कि मैं इस दबाव के साथ नहीं खेल सकता. इसके बाद मैंने अपना फैसला सार्वजनिक कर दिया.’ जब उनसे पूछा गया कि मैदान के अंदर की जिंदगी मुश्किल है या बाहर की, तो श्रीजेश ने कहा कि मैदान के बाहर की जिंदगी ज्यादा कठिन होती है. उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए टीम के साथ मेडल जीतना वर्ल्ड नंबर 1 बनने से ज्यादा जरूरी है. अगर आप रैंकिंग में नंबर 1 हों लेकिन टीम नहीं जीत रही हो, तो उसका उतना महत्व नहीं होता.’

[ad_2]

Source link

Views: 4
Previous Post

सुल्तानपुर का अनोखा हनुमान मंदिर, आस्था से जुड़ी है निर्माण की कहानी

Next Post

‘जबसे दिल तुमसे मिला है’, प्यार के एहसास को सुरों में पिरोता वो गाना, बना फ्लॉप फिल्म का हिट लव एंथम

admin

admin

Next Post
‘जबसे दिल तुमसे मिला है’, प्यार के एहसास को सुरों में पिरोता वो गाना, बना फ्लॉप फिल्म का हिट लव एंथम

'जबसे दिल तुमसे मिला है', प्यार के एहसास को सुरों में पिरोता वो गाना, बना फ्लॉप फिल्म का हिट लव एंथम

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।
  • आत्मीयता और अपनत्व के बीच यादगार बना दीपावली मिलन समारोह, शान्तनु शुक्ला ने जताया सभी का आभार।
  • नोएडा में पत्रकारिता जगत का अनूठा दीपावली मिलन, जहां न कोई मेजबान था और न कोई मेहमान।

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • देवरिया
    • धनबाद
    • बिहार
    • बॉलीवुड
    • मथुरा विन्द्रावन
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • लखनऊ
    • वाराणसी
    • विदेश
    • सिंगरौली
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    by Shantosh Mishra
    November 1, 2026
    0

    संवाददाता। विशाल गुप्ता। बिजली, कोयला, इस्पात और बंदरगाहों समेत महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अब सेक्टर आधारित निगरानी के दायरे में...

    Recent News

    सीआईएसएफ का बड़ा पुनर्गठन, आज से लागू हुई नई सुरक्षा व्यवस्था ।।

    November 1, 2026

    अज्ञात व्यक्ति का रेलवे ट्रैक पर मिला कटा हुआ शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस।

    November 1, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News